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लूटूरू महादेव चलो(Lutru Mahadev Chalo)

लूटरू महादेव जय जय,

लुटरू महादेव जी,

लूटूरू महादेव चलो,

लूटूरु महादेव जी,

सारी दुनियां ध्याए,

गाए गुण महादेव जी,

लुटरू महादेव चलो,

लूटरु महादेव जी ॥


तुम सा ना कोई जग में है दाता,

जो दर जाता है सब कुछ पाता,

झोली भर के लाता,

भाता लुटरू महादेव जी,

लूटरू महादेव जय जय,

लुटरू महादेव जी,

लूटरू महादेव चलों,

लूटरु महादेव जी ॥


है गुफा का गज़ब नज़ारा,

बाबा भारती जी ने हाथों से श्रृंगारा,

देते हैं सहारा,

मार सुटा महादेव जी,

लूटरू महादेव जय जय,

लुटरू महादेव जी,

लूटरू महादेव चलों,

लूटरु महादेव जी ॥


मेरी भी बाबा अब करो सुनवाई,

है कष्ट बहुत नहीं लगती दवाई,

बनेंगे सहाई,

‘ओम सैन’ महादेव जी,

लूटरू महादेव जय जय,

लुटरू महादेव जी,

लूटरू महादेव चलों,

लूटरु महादेव जी ॥


दर्शन को ‘अभिजीत’ है आया,

दिल की मुरादें साथ में लाया,

भजन सुनाया,

पाया वर महादेव जी,

लूटरू महादेव जय जय,

लुटरू महादेव जी,

लूटरू महादेव चलों,

लूटरु महादेव जी ॥


लूटरू महादेव जय जय,

लुटरू महादेव जी,

लूटूरू महादेव चलो,

लूटूरु महादेव जी,

सारी दुनियां ध्याए,

गाए गुण महादेव जी,

लुटरू महादेव चलो,

लूटरु महादेव जी ॥

भूतनाथ अष्टकम्

शिव शिव शक्तिनाथं संहारं शं स्वरूपम्
नव नव नित्यनृत्यं ताण्डवं तं तन्नादम्

षटतिला एकादशी व्रत कथा

सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। पंचांग के अनुसार, माघ महीने की एकादशी तिथि को ही षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के संग मां लक्ष्मी की पूजा-व्रत करने से का विधान है।

खरमास की कथा

सनातन धर्म में खरमास को विशेष महत्व बताया गया है। यह एक ऐसा समय होता है जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में रहते हैं जिसमें मांगलिक कार्य पर रोक रहती है। इस साल खरमास रविवार, 15 दिसंबर 2024 से शुरू हो रहा है जो 14 जनवरी, 2025 को समाप्त होगा।

नंगे नंगे पाँव चल आ गया री(Nange Nange Paon Chal Aagaya Ri)

नंगे नंगे पाँव चल आगया री माँ,
इक तेरा पुजारी ॥

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