नवीनतम लेख

मैं हूँ शरण में तेरी संसार के रचैया: भजन (Main Hun Sharan Me Teri)

मैं हूँ शरण में तेरी,

संसार के रचैया,

कश्ती मेरी लगा दो,

कश्ती मेरी लगा दो,

उस पार ओ कन्हैया ॥


मैं हूँ शरण में तेरी,

संसार के रचैया,

कश्ती मेरी लगा दो,

कश्ती मेरी लगा दो,

उस पार ओ कन्हैया ॥


मेरी अरदास सुन लीजे,

प्रभु सुध आन कर लीजे,

दरश इक बार तो दीजे,

मैं समझूंगा श्याम रीझे,

पतवार थाम लो तुम,

मजधार में है नैय्या,

मैं हूँ शरण में तेरी,

संसार के रचैया ॥


भगत बेचैन है तुम बिन,

तरसते नैन है तुम बिन,

अँधेरी रेन है तुम बिन,

कही ना चैन है तुम बिन,

है उदास देखो तुम बिन,

है उदास देखो तुम बिन,

गोपी ग्वाल गैय्या,

मैं हूँ शरण में तेरी,

संसार के रचैया ॥


दयानिधि नाम है तेरा,

कहाते हो अंतर्यामी,

समाये हो चराचर में,

सकल संसार के स्वामी,

नमामि नमामि हरदम,

नमामि नमामि हरदम,

त्रिजधाम के बसैया,

मैं हूँ शरण में तेरी,

संसार के रचैया ॥


तेरी यादो का मन मोहन,

ये दिल में उमड़ा है सावन,

बुझेगी प्यास इस दिल की,

सुनूंगा जब तेरा आवन,

पावन पतित को करना,

पावन पतित को करना,

जगदीश ओ कन्हैया,

मैं हूँ शरण में तेरी,

संसार के रचैया ॥


मैं हूँ शरण में तेरी,

संसार के रचैया,

कश्ती मेरी लगा दो,

उसपार ओ कन्हैया ॥

सोमवती अमावस्या पर पितृ चालीसा का पाठ

साल 2024 की पौष माह की अमावस्या सोमवार, 30 दिसंबर को पड़ रही है। यह साल 2024 की आखिरी अमावस्या होने वाली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान शिव की पूजा का विधान है।

माघ गुप्त नवरात्रि की पूजन विधि

माघ और आषाढ़ नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। 2025 की पहली गुप्त नवरात्रि माघ महीने में 30 जनवरी से श्रवण नक्षत्र और जयद योग में प्रारंभ होगी।

मां भुवनेश्वरी जयंती (Maa Bhuvaneshwari Jayanti)

जब दुर्गम राक्षस का वध करने मां ने धारण किया भुवनेश्वरी रूप, पूजा विधि के साथ जानिए शुभ मुहूर्त और महत्व

यशोमती मैया से बोले नंदलाला (Yashomati Maiyya Se Bole Nandlala)

यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला ॥