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मैया के चरणों में, झुकता है संसार (Maiya Ke Charno Me Jhukta Hai Sansar)

मैया के चरणों में,

झुकता है संसार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥


सुख में तो मैया तुझसे,

दूर रहा मैं,

धन पद यश के मद में,

चूर रहा मैं,

जब दुःख ने सताया,

तो आया तेरे द्वार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥


रक्त बीज को मैया,

तुमने ही मारा,

शुम्भ निशुम्भ को मैया,

तूने ही संहारा,

निर्मल मन से करती,

माँ भक्तों पे उपकार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥


भक्ति भाव से जो भी,

शीश झुका दे,

दुनिया का वैभव माँ तू,

उसपे लुटा दे,

‘अनुज सतेंद्र’ बखाने,

तेरी महिमा अपरम्पार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥


मैया के चरणों में,

झुकता है संसार,

तीनों लोक में होती,

माँ तेरी जय जयकार ॥

क्यों मनाते हैं सकट चौथ

सकट चौथ व्रत करने से भगवान गणेश जी प्रसन्न होते हैं और सभी प्रकार के दुखों को हर लेते हैं। इस दिन माताएं अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ करना बेहद आवश्यक माना गया है।

गंधर्व पूजा कैसे करें

चित्ररथ को एक महान गंधर्व और देवताओं के प्रिय संगीतज्ञ के रूप में माना जाता है। वह स्वर्गलोक में देवताओं के महल में निवास करते थे। उनका संगीत और गायन दिव्य था। ऐसा कहा जाता है कि कहा जाता है कि चित्ररथ के संगीत और गान में इतनी शक्ति थी कि वे अपने गाने से भगवान शिव और अन्य देवताओं को प्रसन्न कर सकते थे।

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