नवीनतम लेख

मेरे भोले बाबा जटाधारी शम्भू (Mere Bhole Baba Jatadhari Shambhu)

मेरे भोले बाबा जटाधारी शम्भू,

हे नीलकंठ त्रिपुरारी हे शम्भू ॥


नंदी की सवारी है,

गौरा मैया साथ है,

डोर ये जीवन की,

तेरे ही हाथ है,

सर्पों की गल में माला है,

पहने तन पे छाला है,

तन पे भस्म रमाते हैं,

महाकाल कहलाते हैं,

तीनो लोक तुझसे पावन,

हे दयालु हे शम्भू,

मेरे भोलें बाबा जटाधारी शम्भू,

हे नीलकंठ त्रिपुरारी हे शम्भू ॥


भूतों की सेना है,

भूतनाथ कहाते है,

रास रचा संग कान्हा के,

गोपेश्वर बन जाते है,

जो भी दर पे आता है,

झोली भर ले जाता है,

मन इच्छा फल पाता है,

तेरे ही गुण गाता है,

तीनो लोक तुझसे पावन,

हे दयालु हे शम्भू,

मेरे भोलें बाबा जटाधारी शम्भू,

हे नीलकंठ त्रिपुरारी हे शम्भू ॥


मेरे भोले बाबा जटाधारी शम्भू,

हे नीलकंठ त्रिपुरारी हे शम्भू ॥

वायुदेव की पूजा विधि क्या है

सनातन धर्म में वायु देवता बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वेदों में इनका कई बार वर्णन मिलता है और इन्हें भीम का पिता और हनुमान के आध्यात्मिक पिता माना जाता है। वायु पांच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) में से एक है और इसे जीवन का आधार माना जाता है।

बालाजी ने ध्याले तू: भजन (Balaji Ne Dhyale Tu)

मंगलवार शनिवार,
बालाजी ने ध्याले तू,

वीर बली हनुमान, थारे ह्रदय सियाराम (Veer Bali Hanuman Thare Hirde Siyaram)

वीर बली हनुमान,
थारे ह्रदय सियाराम,

कब है अखुरथ संकष्टी चतुर्थी

पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को हर वर्ष अखुरथ संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। दृक पंचांग के अनुसार दिसंबर माह के 18 तारीख को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी।

यह भी जाने