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मेरे मन के अंध तमस में (Mere Man Ke Andh Tamas Me Jyotirmayi Utaro)

जय जय माँ, जय जय माँ ।

जय जय माँ, जय जय माँ ।

जय जय माँ, जय जय माँ ।

जय जय माँ, जय जय माँ ।


मेरे मन के अंध तमस में,

ज्योतिर्मय उतारो ।

जय जय माँ, जय जय माँ ।

जय जय माँ, जय जय माँ ।


मेरे मन के अंध तमस में,

ज्योतिर्मय उतारो ।

जय जय माँ, जय जय माँ ।

जय जय माँ, जय जय माँ ।


कहाँ यहाँ देवों का नंदन,

मलयाचल का अभिनव चन्दन ।

मेरे उर के उजड़े वन में,

करुणामयी विचरो ॥

॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥


नहीं कहीं कुछ मुझ में सुन्दर,

काजल सा काला यह अंतर ।

प्राणों के गहरे गह्वर में,

ममता मई विहरो ॥

॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥


वर दे वर दे,

वींणा वादिनी वर दे ।

निर्मल मन कर दे,

प्रेम अतुल कर दे ।

सब की सद्गति हो,

ऐसा हम को वर दे ॥

॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥


सत्यमयी तू है,

ज्ञानमयी तू है ।

प्रेममयी भी तू है,

हम बच्चो को वर दे ॥


सरस्वती भी तू है,

महालक्ष्मी तू है ।

महाकाली भी तू है,

हम भक्तो को वर दे ॥

भगवान दत्तात्रेय की पौराणिक कथा

मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा के दिन भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन तीनों देवों के अंश माने जाने वाले भगवान दत्तात्रेय का जन्म हुआ था। भगवान दत्तात्रेय को गुरु और भगवान दोनों की उपाधि दी गई है।

नवरात्रि सम्पूर्ण पूजन विधि

नवरात्रि माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पावन पर्व है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में इसे बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है। एक वर्ष में चार बार नवरात्र आते हैं—चैत्र, आषाढ़, माघ और शारदीय नवरात्र।

सात्विक मंत्र क्यों पढ़ने चाहिए?

'मंत्र' का अर्थ है मन को एकाग्र करने और अनावश्यक विचारों से मुक्त करने का एक सरल उपाय। आज की तेज़ भागदौड़ भरी ज़िंदगी में मानसिक शांति प्राप्त करना अत्यंत कठिन हो गया है।

श्री शारदा देवी चालीसा (Shri Sharda Devi Chalisa)

मूर्ति स्वयंभू शारदा, मैहर आन विराज ।
माला, पुस्तक, धारिणी, वीणा कर में साज ॥

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