नवीनतम लेख

मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान(Milta Hai Sachha Sukh Keval Bhagwan Tere Charno Me)

मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान् तुम्हारे चरणों में ।

यह विनती है पल पल छिन की, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ॥


चाहे बैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भार बने ।

चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ॥

॥ मिलता है सच्चा सुख केवल...॥


चाहे अग्नि में मुझे जलना हो, चाहे काटों पे मुझे चलना हो ।

चाहे छोडके देश निकलना हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ॥

॥ मिलता है सच्चा सुख केवल...॥


चाहे संकट ने मुझे घेरा हो, चाहे चारों ओर अँधेरा हो ।

पर मन नहीं डग मग मेरा हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ॥

॥ मिलता है सच्चा सुख केवल...॥


जिव्हा पर तेरा नाम रहे, तेरा ध्यान सुबह और शाम रहे ।

तेरी याद तो आठों याम रहे, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ॥


मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान् तुम्हारे चरणों में ।

यह विनती है पल पल छिन की, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ॥

तिरुमला को क्यों कहा जाता है धरती का बैकुंठ

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में त‍िरुमाला की सातवीं पहाड़ी पर स्थित तिरुपति मंदिर विश्व का सबसे प्रसिद्ध है। यहां आने के बाद बैकुंठ जैसी अनुभूति होती है।

सूर्यदेव को रथ सप्तमी पर क्या चढ़ाएं

रथ-सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि अगर सूर्यदेव की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ किया जाए तो व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य के साथ मान-सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।

श्री सीता माता चालीसा (Shri Sita Mata Chalisa)

बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम,
राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥

किसलिए आस छोड़े कभी ना कभी (Kisliye Aas Chhauden Kabhi Na Kabhi)

किस लिए आस छोड़े कभी ना कभी,
क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे ।

यह भी जाने