नवीनतम लेख

शिव ही आधार है सारे संसार के (Shiv Hi Aadhar Hai Saare Sansar Ke)

शिव ही आधार है सारे संसार के,

ज्ञानी लोगो से जाकर पता कीजिए,

चक्र आवागमन का ये रुक जाएगा,

भोले महादेव की अर्चना कीजिये,

शिव ही आधार हैं सारे संसार के,

ज्ञानी लोगो से जाकर पता कीजिए ॥


मन की जो कामना है वो मिल जाएगी,

और मुरादों की बगिया भी खिल जाएगी,

शिव चरणों में अपना झुकाकर के सर,

भोले भंडारी से प्रार्थना कीजिये,

शिव ही आधार हैं सारे संसार के,

ज्ञानी लोगो से जाकर पता कीजिए ॥


लिए भक्तो जब संकट की आए घड़ी,

और मुसीबत कोई सामने हो खड़ी,

उस समय ध्यान धर भोले भंडारी का,

ये जरुरी है सुमिरण किया कीजिये,

शिव ही आधार हैं सारे संसार के,

ज्ञानी लोगो से जाकर पता कीजिए ॥


देखना नैनो की ज्योति बढ़ जाएगी,

रौशनी में कभी ना कमी आएगी,

ये करिश्मा तभी होगा ऐ साथियों,

रोज भोले के दर्शन किया कीजिये,

शिव ही आधार हैं सारे संसार के,

ज्ञानी लोगो से जाकर पता कीजिए ॥


वो है उमापति वो है गिरजास्वामी,

शिव भोले की अर्धांगिनी पार्वती,

इनका वर्णन अगर जानना होतो फिर,

वेद और शाश्त्रो को पढ़ा कीजिये,

शिव ही आधार हैं सारे संसार के,

ज्ञानी लोगो से जाकर पता कीजिए ॥


शिव ही आधार है सारे संसार के,

ज्ञानी लोगो से जाकर पता कीजिए,

चक्र आवागमन का ये रुक जाएगा,

भोले महादेव की अर्चना कीजिये,

शिव ही आधार हैं सारे संसार के,

ज्ञानी लोगो से जाकर पता कीजिए ॥

कार्तिगाई दीपम उत्सव के शुभ मुहूर्त

दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला कार्तिगाई दीपम उत्सव एक महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार है, जो भगवान कार्तिकेय को समर्पित है।

मौनी अमावस्या पर स्नान के शुभ मुहूर्त

माघ मास की अमावस्या, जिसे मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन को लेकर कई तरह की धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं जुड़ी हुई हैं। माना जाता है कि इस दिन पितृ देवता धरती पर आते हैं और अपने वंशजों के द्वारा किए गए पिंडदान से प्रसन्न होते हैं।

करवा चौथ व्रत कथा (Karva Chauth Vrat Katha)

एक साहूकार था जिसके सात बेटे और एक बेटी थी। सातों भाई व बहन एक साथ बैठकर भोजन करते थे। एक दिन कार्तिक की चौथ का व्रत आया तो भाई बोला कि बहन आओ भोजन करें।

चंद्रदर्शन कब करें

हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन को अत्यंत पवित्र और लाभकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा मन के संचालन का कारक होता है। चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देव की पूजा करने से मन को शांति, जीवन में समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिष के अनुसार कमजोर चंद्रमा वाले जातकों को विशेष रूप से इस दिन व्रत और पूजा करनी चाहिए।