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राजा राम जी की आरती उतारू रे सखी (Sita Ram Ji Ke Aarti Utaru Ae Sakhi)

सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी

केकरा के राम बबुआ केकरा के लछुमन

केकरा के भरत भुवाल ए सखी

सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी


सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी

राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी


कौशल्या के राम बबुआ सुमित्रा के लछुमन

ककई के भरत भुवाल ए सखी

चारों भाइयन के आरती उतारूँ ए सखी


सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी

राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी


कवने रंग राम बबुआ कवने रंग लछुमन

कवने रंग भरत भुवाल ए सखी

राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी


सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी

राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी


श्याम रंग राम बबुआ गोरे रंग लछुमन

पित रंग भरत भुवाल ए सखी

सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी


सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी

राजा राम जी के आरती उतारूँ ए सखी

आज है जगराता माई का, माँ को मना लेना (Aaj Hai Jagrata Mai Ka Maa Ko Mana Lena)

आज है जगराता माई का,
माँ को मना लेना,

शुक्रवार की पूजा विधि

हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन विशेष रूप से देवी लक्ष्मी से जुड़ा होता है। इसे लक्ष्मी व्रत या शुक्रवार व्रत के रूप में मनाया जाता है।

माता चंडी की पूजा विधि

मां चंडी जो विशेष रूप से शक्ति, दुर्गा और पार्वती के रूप में पूजी जाती हैं। उनका रूप रौद्र और उग्र होता है, और वे शत्रुओं का नाश करने वाली, बुराई का विनाश करने वाली और संसार को शांति देने वाली देवी के रूप में पूजा जाती हैं।

होलिका दहन शुभ समय और भद्रा का साया

होली फेस्टिवल होलिका दहन के एक दिन बाद मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इसका विशेष अर्थ है। बता दें कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, और कई लोग होलिका दहन को छोटी होली के नाम से भी जानते है।