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तेरे नाम की धुन लागी (Tere Naam Ki Dhun Lagi)

तेरे नाम की धुन लागी,

मन है तेरा मतवाला,

मैं तान हूँ मुरली की,

तू मोहन मुरली वाला ॥


तू ही मेरा स्वामी हैं,

तू ही है मेरा दाता,

भक्ति मेरा जीवन है,

भक्तो से तेरा नाता,

मैं तेरी शरण में हूँ,

तू हैं मेरा रखवाला,

मैं तान हूँ मुरली की,

तू मोहन मुरली वाला ॥


तुने मुझे भक्ति के,

सागर में डुबोया हैं,

टूटे हुए मोती को,

माला में पिरोया है,

मैं रूप हूँ मीरा का,

तू है मेरा गोपाला,

मैं तान हूँ मुरली की,

तू मोहन मुरली वाला ॥


तेरे नाम की धुन लागी,

मन है तेरा मतवाला,

मैं तान हूँ मुरली की,

तू मोहन मुरली वाला ॥

मुझे राधे-राधे कहना सिखादे (Mujhe Radhe Radhe Kahana Shikhade)

मुझे राधे राधे कहना सिखा दे
कन्हैयाँ तेरा क्या बिगड़े,

गुरुवायुर एकादशी मंदिर की पौराणिक कथा

"दक्षिण का स्वर्ग" कहे जाने वाले अतिसुन्दर राज्य केरल में गुरुवायुर एकादशी का पर्व पूरी आस्था के साथ मनाया जाता है। यह पर्व गुरुवायुर कृष्ण मंदिर में विशेष रूप से मनाया जाता है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।

मार्च में मासिक कार्तिगाई कब मनाई जाएगी

मासिक कार्तिगाई दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है, जो भगवान मुरुगन को समर्पित होता है। यह त्योहार हर महीने कृतिका नक्षत्र के प्रबल होने वाले दिन मनाया जाता है।

भीष्म को इच्छा मृत्यु का वरदान कैसे मिला?

वेदों के रचयिता वेदव्यास जी ने महाभारत महाकाव्य की रचना की है। इस महाकाव्य में प्रमुख स्तंभ भीष्म पितामह को बताया गया है। हस्तिनापुर के राजा शांतनु का विवाह देवी गंगा से हुआ था।