नवीनतम लेख

तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया(Teri Surat Pe Jaun Balihari Rasiya)

तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया

मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥


तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया

मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥


ओड़ के आई मैं तो लाल चुनारिया,

मटकी उठा के मैं तो, बन गयी गुजरिया ।

मैं तो कर आई सोला श्रृंगार रसिया,

मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥


तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया

मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥


तेरे पीछे मैं तो आई हूँ अकेली,

बड़े गोप की नयी नवेली।

आई हूँ करने मनोहार रसिया,

मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥


तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया

मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥


जब से लगी है तेरी लगनवा,

बिसर गयो मोहे घर आंगनवा ।

मैं तो छोड़ आई सारा संसार रसिया,

मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥


तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया

मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥


------- भजन को कुछ भक्ति इस रूप मे भी गाते हैं -------

तेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया,

मैं तो नाचूंगी बीच बाजार रसिया।

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया (Mere O Sanware Tune Kya Kya Nahi Kiya)

मेरे ओ सांवरे,
तूने क्या क्या नहीं किया,

12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व जानिए

शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, एक समय भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी के बीच यह विवाद छिड़ गया कि उनमें से श्रेष्ठ कौन है। इस विवाद को शांत करने के लिए भगवान शिव ने एक अनंत प्रकाश स्तंभ ज्योति का रूप धारण किया।

क्यों मनाते हैं गणेश जयंती

गणेश जयंती भगवान गणेश जी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार यह पर्व हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है।

चलो मम्मी-पापा चलो इक बार ले चलो (Chalo Mummy Papa Ik Baar Le Chalo)

चलो मम्मी चलो पापा चलो मम्मी चलो पापा
चलो मम्मी चलो इक बार ले चलो

यह भी जाने