प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए (Prem Ho to Shri Hari Ka Prem Hona Chahiye)

प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए

जो बने विषयों के प्रेमी उनको रोना चाहिए


मखमली गद्दे पे सोये ऐश और आराम से

मखमली गद्दे पे सोये ऐश और आराम से

वास्ते परलोक के भी कुछ तो बिछौना चाहिए


प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए

जो बने विषयों का भोगी उनको रोना चाहिए


बीज बोकर बाग़ के फल खाये है तुमने अगर

बीज बोकर बाग़ के फल खाये है तुमने अगर

वास्ते परलोक के भी कुछ तो बोना चाहिए


प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए

जो बने विषयों का भोगी उनको रोना चाहिए


दिन बिताया अगर तुम ऐश और आराम में

दिन बिताया अगर तुम ऐश और आराम में

रात में सुमरन हरि का कर के सोना चाहिए


प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए

जो बने विषयों का भोगी उनको रोना चाहिए


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हे गणपति हे गणराज, आपका अभिनन्दन (Hey Ganpati Hey Ganraj Aapka Abhinandan)

हे गणपति हे गणराज,
आपका अभिनन्दन,

प्रदोष व्रत और इसके प्रकार

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र व्रत है। इसे भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है और प्रत्येक वार पर आने वाले प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व और फल है।

आता रहा है सांवरा, आता ही रहेगा (Aata Raha Hai Sanwara, Aata Hi Rahega)

आता रहा है सांवरा,
आता ही रहेगा,

आजा माँ तेनु अखियां उडीकदीयां (Aja Maa Tenu Ankhiyan Udeekdiyan)

आजा माँ तेनु अखियां उडीकदीयां।
अखियां उडीकदीयां, दिल वाजा मारदा॥

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