हे गणपति हे गणराज, आपका अभिनन्दन (Hey Ganpati Hey Ganraj Aapka Abhinandan)

हे गणपति हे गणराज,

आपका अभिनन्दन,

मेरे घर में पधारे आज,

आपका अभिनन्दन,

हें गणपति हें गणराज,

आपका अभिनन्दन ॥


गजवदन विनायक देवा,

सुर नर मुनि करते सेवा,

सुर नर मुनि करते सेवा,

रखते भक्तो की लाज,

आपका अभिनन्दन,

हें गणपति हें गणराज,

आपका अभिनन्दन ॥


पहले पूजा करूँ तुम्हारी,

सह परिवार हूँ मैं आभारी,

सह परिवार हूँ मैं आभारी,

मेरे बिगड़े बनाना काज,

आपका अभिनन्दन,

हें गणपति हें गणराज,

आपका अभिनन्दन ॥


रिद्धि सिद्धि के दाता,

‘महावीर’ तेरे गुण गाता,

‘महावीर’ तेरे गुण गाता,

रज चरणों की दो महाराज,

आपका अभिनन्दन,

हें गणपति हें गणराज,

आपका अभिनन्दन ॥


हे गणपति हे गणराज,

आपका अभिनन्दन,

मेरे घर में पधारे आज,

आपका अभिनन्दन,

हें गणपति हें गणराज,

आपका अभिनन्दन ॥

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मैं तो शिव की पुजारन बनूँगी (Main To Shiv Ki Pujaran Banugi)

मैं तो शिव की पुजारन बनूँगी,
अपने भोले की जोगन बनूँगी,

कान्हा तेरी मुरली की, जो धुन बज जाए (Kanha Teri Murli Ki Jo Dhun Baj Jaaye)

कान्हा तेरी मुरली की,
जो धुन बज जाए,

धनु संक्रांति के दिन के विशेष उपाय

हिंदू धर्म में संक्रांति तिथि का काफी महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने सूर्य की राशि परिवर्तन पर संक्रांति मनाई जाती है। इस बार मार्गशीर्ष माह में 15 दिसंबर को धनु संक्रांति पड़ रही है।

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