ठुमक-ठुमक कर चाल भवानी (Thumak Thumak Kar Chal Bhawani)

॥ दोहा ॥

सिंह चढी देवी मिले,

गरूड़ चढे भगवान ।

बैल चढ़े शंकर मिले,

पूरण सिद्ध हो काम ॥


ठुमक ठुमक कर चालें भवानी,

ले हातो तलवार,

भवानी मेरी जगदम्बा,

थारा बालकिया बुलावे,

वेगा आवजो हो माँ ॥


घेर घुमेरो पेरो घाघरो,

ओढ़न दिखणी रो चीर,

भवानी मेरी जगदम्बा,

रेशम की ओ मैया फेरो कोचलि,

ए माँ ओ माँ,

ठुमक-ठुमक कर चाल भवानी,

ले हातो तलवार,

भवानी मेरी जगदम्बा ॥


कुलचे कोंकल फेरो भवानी,

गले नावलखियो हार,

भवानी मारी जगदम्बा,

हातो में बाजूबंद माता,

फेरलो ऐ माँ,

ठुमक-ठुमक कर चाल भवानी,

ले हातो तलवार,

भवानी मेरी जगदम्बा ॥


पगा में फेर भवानी,

बिजिया री झनकार,

भवानी मारी जगदम्बा,

झांझर रे झनकारे वेगा,

आवजो हो माँ,

ठुमक-ठुमक कर चाल भवानी,

ले हातो तलवार,

भवानी मेरी जगदम्बा ॥


लाडू छाड़ू चूरमा माँ,

लुम्बडिया नारेल,

भवानी मारी जगदम्बा,

धूपों रे मेहकारे वेगा,

आवजो हो माँ,

ठुमक-ठुमक कर चाल भवानी,

ले हातो तलवार,

भवानी मेरी जगदम्बा ॥


थारी माता करू चाकरी,

जनम जनम रे माय,

भवानी मारी जगदम्बा,

आरतियों री वेला,

वेगा आवजो हो माँ,

ठुमक-ठुमक कर चाल भवानी,

ले हातो तलवार,

भवानी मेरी जगदम्बा ॥


ठुमक-ठुमक कर चालें भवानी,

ले हातो तलवार,

भवानी मेरी जगदम्बा,

थारा बालकिया बुलावे,

वेगा आवजो हो माँ ॥

........................................................................................................
भानु सप्तमी पर सूर्यदेव को क्या चढ़ाएं

हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का व्रत विशेष रूप से सूर्यदेव को समर्पित है। यह दिन सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करने के लिए विशेष माना जाता है।

जो विधि कर्म में लिखे विधाता (Jo Vidhi Karam Me Likha Vidhata)

जो विधि कर्म में लिखे विधाता,
मिटाने वाला कोई नहीं,

किया तप इस कदर हुआ शिव पे असर (Kiya Tap Is kadar Hua Shiv Pe Asar)

किया तप इस कदर हुआ शिव पे असर,
तेरा भोले से गोरा विवाह हो गया,

बांके बिहारी तेरे नैना कजरारे, नजर ना लग जाए (Banke Bihari Tere Naina Kajrare Nazar Na Lag Jaye)

बांके बिहारी तेरे नैना कजरारे,
नजर ना लग जाए,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।