वर दे, वीणा वादिनि वर दे: सरस्वती वंदना (Var De Veena Vadini Var De: Saraswati Vandana)

वर दे, वीणावादिनि वर दे ।

प्रिय स्वतंत्र रव, अमृत मंत्र नव

भारत में भर दे ।

वीणावादिनि वर दे ॥


काट अंध उर के बंधन स्तर

बहा जननि ज्योतिर्मय निर्झर

कलुष भेद तम हर प्रकाश भर

जगमग जग कर दे ।

वर दे, वीणावादिनि वर दे ॥


नव गति, नव लय, ताल छंद नव

नवल कंठ, नव जलद मन्द्र रव

नव नभ के नव विहग वृंद को,

नव पर नव स्वर दे ।

वर दे, वीणावादिनि वर दे ॥


वर दे, वीणावादिनि वर दे।

प्रिय स्वतंत्र रव, अमृत मंत्र नव

भारत में भर दे ।

वीणावादिनि वर दे ॥

- सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

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गंगा के खड़े किनारे, भगवान् मांग रहे नैया (Ganga Ke Khade Kinare Bhagwan Mang Rahe Naiya)

गंगा के खड़े किनारे
भगवान् मांग रहे नैया

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया (Data Ek Ram Bhikhari Sari Duniya)

दाता एक राम,
भिखारी सारी दुनिया ।

जय महेश जय महादेवा (Jay Mahesh Jay Mahadeva)

तेरे दर पे आ तो गया हूँ,
राह दिखा दे मुझको काबिल कर दे,

सकट चौथ व्रत कथा

सकट चौथ पर भगवान गणेश की पूजा के साथ-साथ व्रत कथा का पाठ करना भी अनिवार्य माना जाता है। ऐसा करने से व्रतधारी को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और उसके जीवन से सभी संकट दूर हो जाते हैं।

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