वीर है गौरा तेंरा लाड़ला गणेश - भजन (Veer Hai Gaura Tera Ladla Ganesh)

वीर है गौरा तेरा लाड़ला गणेश,
माता है तू जिसकी पिता है महेश,
माता है तू जिसकी पिता है महेश,
वीर है गौरा तेंरा लाड़ला गणेश ॥

तन के मैल से पुतला बनाया,
सत से उसमे साँस जगाया,
जान ज़रा सी महादेव सी दे,
वीर है गौरा तेंरा लाड़ला गणेश,
माता है तू जिसकी पिता है महेश,
वीर है गौरा तेंरा लाड़ला गणेश ॥

शंकर झुके त्रिया हट के आगे,
बनके गजानन गणपति जागे,
रूप निराला उनका अनोखा भेष,
वीर है गौरा तेंरा लाड़ला गणेश,
माता है तू जिसकी पिता है महेश,
वीर है गौरा तेंरा लाड़ला गणेश ॥

वीर है गौरा तेरा लाड़ला गणेश,
माता है तू जिसकी पिता है महेश,
माता है तू जिसकी पिता है महेश,
वीर है गौरा तेंरा लाड़ला गणेश ॥

........................................................................................................
थोड़ा देता है या ज्यादा देता है (Thoda Deta Hai Ya Jyada Deta Hai)

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,
हमको तो जो कुछ भी देता,

हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम(Humara Nahi Koi Re Tere Bina Ram)

हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम
हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम

बसंत पंचमी पर पीले कपड़े क्यों पहनते हैं?

बसंत पंचमी सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार विद्या, कला और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित है और हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।

प्रदोष व्रत की कथा

हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। पंचांग के मुताबिक साल 2025 का पहला प्रदोष व्रत 11 जनवरी को रखा जाएगा, इस दिन शनिवार होने के कारण यह शनि प्रदोष भी कहलाएगा।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।