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आ दरश दिखा दे मेरी माँ (Aa Darsh Dikha De Meri Maa)

आ दरश दिखा दे मेरी माँ,

तुझे तेरे लाल बुलाते है,

तुझे रो रो पुकारे मेरे नैन,

तुझे रो रो पुकारे मेरे नैन,

तुझे तेरे लाल बुलाते है,

आ दरश दिखा दे मेरी मां,

तुझे तेरे लाल बुलाते है ॥


आँखों के आंसू सूख चुके माँ,

अब तू दरश दिखा दे,

कब से खड़ा माँ दर पे तेरे,

मन की तू प्यास बुझा दे,

तेरी लीला निराली मेरी माँ,

तुझे तेरे लाल बुलाते है,

आ दरश दिखा दे मेरी मां,

तुझे तेरे लाल बुलाते है ॥


बीच भंवर में नैया पड़ी माँ,

आकर तू पार लगादे,

तेरे सिवा माँ कोई नहीं है,

आकर तू गले से लगा ले,

क्यूँ देर लगावे मेरी माँ,

तुझे तेरे लाल बुलाते है,

आ दरश दिखा दे मेरी मां,

तुझे तेरे लाल बुलाते है ॥


डूब रहा है सुख का सूरज,

गम की बदरिया है छाई,

उजड़ गयी बगिया जीवन की,

मन की कलि मुरझाई,

करे विनती ये सेवक माँ,

तुझे तेरे लाल बुलाते है,

आ दरश दिखा दे मेरी मां,

तुझे तेरे लाल बुलाते है ॥


आ दरश दिखा दे मेरी माँ,

तुझे तेरे लाल बुलाते है,

तुझे रो रो पुकारे मेरे नैन,

तुझे रो रो पुकारे मेरे नैन,

तुझे तेरे लाल बुलाते है,

आ दरश दिखा दे मेरी मां,

तुझे तेरे लाल बुलाते है ॥


हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी (He Hans Vahini Gyan Dayini)

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी
अम्ब विमल मति दे

गजानन आ जाओ एक बार (Gajanan Aa Jao Ek Baar )

गजानन आ जाओ एक बार,
सभा में तुम्हें बुलाते है ॥

विवाह पंचमी के शुभ संयोग

विवाह पंचमी का त्योहार भगवान राम और माता सीता के विवाह के पावन अवसर के रूप में मनाया जाता है। लोग इस दिन वैवाहिक जीवन में शांति के लिए भगवान राम और माता सीता की पूजा करते है।

राम के दुलारे, माता जानकी के प्यारे(Ram Ke Dulare, Mata Janki Ke Pyare)

जय सियाराम, बोलो जय सियाराम
जय सियाराम, बोलो जय सियाराम

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