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आई सिंघ पे सवार (Aayi Singh Pe Swar)

आई सिंघ पे सवार,

मईया ओढ़े चुनरी,

ओढ़े चुनरी,

मईया ओढ़े चुनरी ,

आई सिंघ पे सवार मईया ॥


आदि शक्ति है मात भवानी,

जय दुर्गे माँ काली,

बड़े बड़े राक्षस संघारे,

रण चंडी मतवाली,

करे भक्तों का,

उद्दार 'मईया ओढ़े चुनरी,

आई सिंघ पे सवार मईया ॥


महिषासुर सा महाँ बली,

देवों को ख़ूब सताया,

छीन लिया इन्द्रासन और,

देवों को मार भगाया,

करी देवों ने पुकार 'मईया ,

ओढ़े चुनरी आई,

आई सिंघ पे सवार मईया ॥


दुर्गा का अवतार लिया झट,

महिषासुर संघारी,

दूर किया देवों का संकट,

लीला तेरी न्यारी,

किया देवों पे उपकार 'मईया,

ओढ़े चुनर आई,

सिंघ पे सवार मईया ॥


जो कोई जिस मनसा से मईया,

द्वार तिहारे जाता,

हर इच्छा होती पूरी और,

मँह माँगा फल पता,

तेरा गुण गावे संसार 'मईया,

ओढ़े चुनरी,

आई सिंघ पे सवार मईया ॥

मोहे रंग दो अपने ही रंग में, मोहे ओ सांवरिया(Mohe Rang Do Apne Hi Rang Mein Mohe O Sawariya)

नैना लागे जब मोहन से,
नैना को कुछ रास ना आए,

मन के मंदिर में प्रभु को बसाना(Man Ke Mandir Mein Prabhu Ko Basana)

मन के मंदिर में प्रभु को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है,

षटतिला एकादशी मंत्र

सनातन धर्म में एकादशी तिथि का काफी महत्व है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के कहते हैं।

चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया (Chalo Salasar Bhakto Baba Ka Bulawa Aa Gaya)

बाबा का बुलावा आ गया,
चलो सालासर भक्तो,

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