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अजब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा - भजन (Ajab Hai Bholenath Ye Darbar Tumhara)

अजब है भोलेनाथ ये,

दरबार तुम्हारा,

दरबार तुम्हारा,

भूत प्रेत नित करे चाकरी,

सबका यहाँ गुज़ारा,

अजब है भोलेंनाथ ये,

दरबार तुम्हारा,

दरबार तुम्हारा ॥


बाघ बैल को हरदम,

एक जगह पर राखे,

कभी ना एक दूजे को,

बुरी नज़र से ताके,

कही और नही देखा हमने,

ऐसा गजब नज़ारा,

अजब है भोलेंनाथ ये,

दरबार तुम्हारा,

दरबार तुम्हारा ॥


गणपति राखे चूहा,

कभी सर्प नही छुआ,

भोले सर्प लटकाए,

कार्तिक मोर नचाए,

आज का कानून नही है तेरा,

अनुशाशित है सारे,

अजब है भोलेंनाथ ये,

दरबार तुम्हारा,

दरबार तुम्हारा ॥


अजब है भोलेनाथ ये,

दरबार तुम्हारा,

दरबार तुम्हारा,

भूत प्रेत नित करे चाकरी,

सबका यहाँ गुज़ारा,

अजब है भोलेंनाथ ये,

दरबार तुम्हारा,

दरबार तुम्हारा ॥


धन जोबन और काया नगर की (Dhan Joban Aur Kaya Nagar Ki)

धन जोबन और काया नगर की,
कोई मत करो रे मरोर ॥

वो काला एक बांसुरी वाला (Wo Kala Ek Bansuri Wala)

वो काला एक बांसुरी वाला,
सुध बिसरा गया मोरी रे ।

उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया (Ujjaini Me Baba Ne Esa Damru Bajaya)

उज्जैनी में बाबा ने ऐसा,
डमरू बजाया,

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है (Hanuman Teri Kirpa Ka Bhandara Chal Raha Hai)

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है,
हर और घना अँधेरा मेरा दीप जल रहा है,

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