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हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ (Akhiya Hari Darshan Ki Pyasi)

हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


देखियो चाहत कमल नैन को,

निसदिन रहेत उदासी,

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


आये उधो फिरी गए आँगन,

दारी गए गर फँसी,

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


केसर तिलक मोतीयन की माला,

ब्रिन्दावन को वासी,

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


काहू के मन की कोवु न जाने,

लोगन के मन हासी,

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


सूरदास प्रभु तुम्हारे दरस बिन,

लेहो करवट कासी,

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥


भगवान शिव का बेलपत्र, धतूरा और भांग से संंबंध

भगवान शिव को देवा का देव कहा जाता है। शिवरात्रि उनका एक प्रमुख त्योहार है। 26 फरवरी को इस बार शिवरात्रि मनाई जाएगी। इस दिन शिवलिंग पर जल के साथ बेलपत्र, धतूरा और भांग चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

रख लाज मेरी गणपति(Rakh Laaj Meri Ganpati)

रख लाज मेरी गणपति,
अपनी शरण में लीजिए ।

मौनी अमावस्या के उपाय

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ का महीना 11वां होता है। इस माह में पड़ने वाले व्रत का विशेष महत्व होता है। इनमें मौनी अमावस्या भी शामिल है। माघ माघ की अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है।

भगवान कार्तिकेय के प्रमुख मंदिर

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कार्तिक चंद्र मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था। इसलिए भक्त हर महीने इस तिथि को उनका जन्मोत्सव मनाते हैं।

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