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अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई (Arji Sunkar Meri Maiya, Ghar Mein Mere Aayi)

अर्जी सुनकर मेरी मैया,

घर में मेरे आई,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥


सबसे पहले मैया रानी,

के मैं चरण धुलाऊँ,

माँ के पावों के कुमकुम को,

माथे अपने लगाऊं,

देख देख के जगदम्बे को,

अखियां भर भर आई,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥


बिन दर्शन के मैया मेरा,

जीवन था अधुरा,

तेरे आने से मेरी मैया,

सपना हुआ है पूरा,

अपने गले लगाकर मुझको,

किरपा है बरसाई,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥


छप्पन भोग छत्तीसो मेवा,

हाथों से खिलाऊँ,

मेहँदी लगाऊ चुनड़ी ओढाऊँ,

तेरा लाड़ लड़ाऊँ,

‘श्याम’ कहे इच्छा हुई पूरी,

माँ मेरी मनचाही,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥


अर्जी सुनकर मेरी मैया,

घर में मेरे आई,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥

दर्द किसको दिखाऊं कन्हैया (Dard Kisako Dikhaun Kanaiya)

दर्द किसको दिखाऊं कन्हैया,
कोई हमदर्द तुमसा नहीं है,

धनतेरस व्रत कथा: माता लक्ष्मी और किसान की कहानी (Mata Laxmi aur kisan ki kahani: Dhanteras ki vrat Katha)

एक बार भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता पृथ्वी लोक पर घूम रहे थे। विष्णु जी किसी काम से दक्षिण दिशा की ओर चले गए और लक्ष्मी माता को वहीं पर रूकने के लिए कहा।

सफला एकादशी कौन से कपड़े पहनें

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हे रोम रोम मे बसने वाले राम(Hey Rom Rom Main Basne Wale Ram)

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