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बाल गोपाला, प्यारे मुरारी मोरे नन्द लाला (Baal Gopala, Pyare Murari More Nandlala)

बाल गोपाला, बाल गोपाला,

प्यारे मुरारी मोरे नन्द लाला ।

नन्द लाला, नन्द लाला,

नन्द लाला, मोरे नन्द लाला ।


नन्द लाला, नन्द लाला,

नन्द लाला, मोरे नन्द लाला ।

नन्द लाला, नन्द लाला,

नन्द लाला, मोरे नन्द लाला ।


कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाला ।

कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाला ।

कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाला ।

मुरली मनोहर नंदलाला ।

मुरली मनोहर नंदलाला ।

मुरली मनोहर नंदलाला ।


नाराणयन नारायण जय जय गोविन्द हरे ।

नाराणयन नारायण जय जय गोपाल हरे ।


जय जय गोविन्द हरे, जय जय गोपाल हरे ।

हरि हरि हरि सुमिरन करो (Hari Hari Hari Sumiran Karo)

हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो,
हरि चरणारविन्द उर धरो

उत्पन्ना एकादशी के नियम

उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। उत्पन्ना एकादशी की उत्पत्ति का उल्लेख प्राचीन भविष्योत्तर पुराण में मिलता है, जहां भगवान विष्णु और युधिष्ठिर के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद में इसका वर्णन किया गया है।

क्यों मनाई जाती है गीता जयंती?

सनातन धर्म में एकादशी व्रत को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। मार्गशीर्ष माह में मोक्षदा एकादशी मनाई जाती है। इसी दिन गीता जयंती का पर्व भी मनाया जाता है।

मोक्षदा एकादशी की व्रत कथा

मोक्षदा एकादशी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह त्योहार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है, जो भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति का प्रतीक है।

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