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बाल गोपाला, प्यारे मुरारी मोरे नन्द लाला (Baal Gopala, Pyare Murari More Nandlala)

बाल गोपाला, बाल गोपाला,

प्यारे मुरारी मोरे नन्द लाला ।

नन्द लाला, नन्द लाला,

नन्द लाला, मोरे नन्द लाला ।


नन्द लाला, नन्द लाला,

नन्द लाला, मोरे नन्द लाला ।

नन्द लाला, नन्द लाला,

नन्द लाला, मोरे नन्द लाला ।


कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाला ।

कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाला ।

कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाला ।

मुरली मनोहर नंदलाला ।

मुरली मनोहर नंदलाला ।

मुरली मनोहर नंदलाला ।


नाराणयन नारायण जय जय गोविन्द हरे ।

नाराणयन नारायण जय जय गोपाल हरे ।


जय जय गोविन्द हरे, जय जय गोपाल हरे ।

अन्वाधान व इष्टि क्या है

सनातन हिंदू धर्म में, अन्वाधान व इष्टि दो प्रमुख अनुष्ठान हैं। जिसमें भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया करते हैं। इसमें प्रार्थना व पूजा कुछ समय के लिए यानी छोटी अवधि के लिए ही की जाती है।

सजा दों उज्जैनी दरबार (Saja Do Ujjaini Darbar)

सजा दो उज्जैनी दरबार,
मेरे महाकाल आये है ॥

चदरिया झीनी रे झीनी - भजन (Chadariya Jhini Re Jhini)

कबीरा जब हम पैदा हुए,
जग हँसे हम रोये,

ब्रह्मा चालीसा (Brahma Chalisa)

जय जय कमलासान जगमूला, रहहू सदा जनपै अनुकूला ।

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