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बड़ा नटखट है रे, कृष्ण कन्हैया (Bada Natkhat Hai Re Krishn Kanhaiya)

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया

का करे यशोदा मैय्या हाँ॥ बड़ा नटखट है रे...॥

ढूंढें री अखियाँ उसे चहू ओर

जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर॥ ढूंढें री अखियाँ...॥

उड़ गया जैसे पुरवय्या, का करे यशोदा मैय्या हाँ

॥ बड़ा नटखट है रे...॥


मेरे जीवन का तू एक ही सपना

जो कोई देखे तोहे समझे वो अपना॥ मेरे जीवन का तू...॥

सब का है प्यार बंसी बजय्या, का करे यशोदा मैय्या हाँ

॥ बड़ा नटखट है रे...॥


आ तोहे मैं गले से लगा लूं

लागे ना किसी की नज़र, मन में छूपा लूं॥ आ तोहे मैं...॥

धूप जगत है रे ममता है छैय्या, का करे यशोदा मैय्या हाँ

॥ बड़ा नटखट है रे...॥

जैसे तुम सीता के राम (Jaise Tum Sita Ke Ram)

जैसे तुम सीता के राम
जैसे लक्ष्मण के सम्मान

मोहे तो लगन, मेरे खाटू धाम की(Mohe to Lagan Mere Khatu Dham Ki)

ना मैं जाऊं मथुरा काशी,
मेरी इच्छा ना ज़रा सा,

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है (Hamako Apani Bharat Ki Mati Se Anupam Pyar Hai)

इस धरती पर जन्म लिया था दसरथ नंन्दन राम ने,
इस धरती पर गीता गायी यदुकुल-भूषण श्याम ने ।

श्री बगलामुखी चालीसा (Shri Baglamukhi Chalisa)

नमो महाविद्या बरदा, बगलामुखी दयाल।
स्तम्भन क्षण में करे, सुमरित अरिकुल काल।।

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