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बालाजी तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ (Balaji Tumhare Charno Mein Main Tumhe Rjhane Aaya Hun)

बालाजी तुम्हारे चरणों में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ ॥


प्रभु का चरणामृत लेने को,

है पास मेरे कोई पात्र नहीं,

प्रभु का चरणामृत लेने को,

है पास मेरे कोई पात्र नहीं,

आँखों के दोनों प्यालों से,

कुछ भीख मांगने आया हूँ,

बाला जी तुम्हारे चरणो में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ ॥


तुमसे लेकर क्या भेंट धरूँ,

बालाजी तुम्हारे चरणो में,

तुमसे लेकर क्या भेंट धरूँ,

बालाजी तुम्हारे चरणो में,

मैं सेवक हूँ तुम दाता हो,

संबंध बताने आया हूँ,

बाला जी तुम्हारे चरणो में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ ॥


सेवा की कोई वस्तु नहीं,

फिर भी मेरा साहस देखो,

सेवा की कोई वस्तु नहीं,

फिर भी मेरा साहस देखो,

रो रो कर आज आंसुओ का,

मैं हार चढाने आया हूँ,

बाला जी तुम्हारे चरणो में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ ॥


बालाजी तुम्हारे चरणों में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ ॥


छोटी होली कथा

होली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी होली को होलिका दहन के रूप में जाना जाता है। यह पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है और भक्त प्रह्लाद तथा होलिका की कथा से जुड़ा हुआ है।

हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ (Akhiya Hari Darshan Ki Pyasi)

हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ
अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥

जगमग हुईं अयोध्या नगरी, सन्त करें गुणगान (Jagmag Hui Ayodhya Nagari Sant Kare Gungan)

जगमग हुई अयोध्या नगरी,
रतन सिंहासन राम विराजें,

खाटू का राजा मेहर करो(Khatu Ka Raja Mehar Karo)

थासु विनती कराहाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,

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