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बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा (Banke Bihari Re Door Karo Dukh Mera)

बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा,

दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


सुना है जो तेरे दर पे आए,

उसके सब दुखड़े मिट जाए,

आया शरण तिहारी रे,

आया शरण तिहारी रे,

अब दूर करो दुख मेरा,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


जनम जनम का मैं हूँ भटका ,

बेड़ा आज भवर में अटका,

पार करो बनवारी रे,

अब दूर करो दुख मेरा,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


शबरी अहिल्या गणिका नारी,

सब ही तुमने पार उतारी,

आयी मेरी बारी रे,

अब दूर करो दुख मेरा,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


मोर मुकुट पीताम्बर धारी,

संग में हो श्री राधा प्यारी,

मेरे गिरवर धारी रे,

अब दूर करो दुख मेरा,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा,

दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥

भवसागर तारण कारण हे (Bhava Sagara Tarana Karana He)

भवसागर तारण कारण हे ।
रविनन्दन बन्धन खण्डन हे ॥

नवंबर के शुभ मुहूर्त

देवशयनी एकादशी से लेकर देव उठनी एकादशी तक हिंदू धर्म में शुभ कार्य बंद रहते हैं। देव उठते ही सभी तरह के मंगल कार्य आरंभ हो जातें हैं।

राम दरबार है जग सारा (Ram Darbar Hai Jag Sara)

राम दरबार है जग सारा,
राम ही तीनो लोक के राजा,

ऊँ शिव गोरक्ष योगी - प्रार्थना (Om Jai Gauraksh Yogi - Prarthana)

ऊँ शिव गोरक्ष योगी
गंगे हर-नर्मदे हर, जटाशङ़्करी हर ऊँ नमो पार्वती पतये हर,

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