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बांके बिहारी तेरे नैना कजरारे, नजर ना लग जाए (Banke Bihari Tere Naina Kajrare Nazar Na Lag Jaye)

बांके बिहारी तेरे नैना कजरारे,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये ॥


मोर का मुकुट,

शीश पे शोभा पा रहा,

मुखड़े को देख के,

चाँद भी लजा रहा,

अधरों से छलके है,

रस की फुहारें,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये ॥


तीखी कटारें,

दोनों नैनो में कजरा,

बाल है तिहारे जैसे,

सावन के बदरा,

गालों पे छाए,

कारे कारे घुंघरारे,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये ॥


पतली कमर तेरी,

लचके कमाल की,

वारि वारि जाऊं तेरी,

मस्तानी चाल की,

करती पायलियां,

तेरी मीठी झनकारे,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये ॥


रमण बचाऊं तोहे,

सबकी नज़र से,

आजा छिपा लूं तोहे,

नैनो के घर से,

सुन मेरे प्यारे,

इस दिल की पुकारें,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये ॥


बांके बिहारी तेरे नैना कजरारे,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये,

नजर ना लग जाए,

ओये ओये ओये ॥


राम ना मिलेगे हनुमान के बिना (Ram Na Milege Hanuman Ke Bina)

पार ना लगोगे श्री राम के बिना,
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना।

2025 की पहली शनि त्रयोदशी कब है

जब शनिवार और त्रयोदशी तिथि एक साथ आती है तो उसे शनि त्रयोदशी कहते हैं। यह एक खास दिन होता है। यह हर महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है।

मुझे कैसी फिकर सांवरे साथ तेरा है गर सांवरे (Mujhe Kaisi Fikar Saware Sath Tera Hai Gar Saware)

मुझे कैसी फिकर सांवरे,
साथ तेरा है गर सांवरे,

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है (Hamako Apani Bharat Ki Mati Se Anupam Pyar Hai)

इस धरती पर जन्म लिया था दसरथ नंन्दन राम ने,
इस धरती पर गीता गायी यदुकुल-भूषण श्याम ने ।

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