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चरणों में रखना (Charno Mein Rakhna)

चरणों में रखना,

मैया जी मुझे चरणों में रखना,

चरणो में रखना,

मैया जी मुझे चरणों में रखना,

अब तो सहारा बस तुम्हारा है माँ,

अब तो सहारा बस तुम्हारा है माँ,

इक तुझे ही हर घडी ही पुकारा है माँ,

इक तुझे ही हर घडी ही पुकारा है माँ,

चरणो में रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥


गहरी नदियाँ नाँव पुरानी,

हाथो से पतवार छुट गयी,

संगी साथी मोड़ गए मुंह,

माथे लिखी लकीर रूठ गयी,

तु ही खिवैया,

तू ही किनारा है माँ,

एक तुझे हर घडी ही पुकारा है माँ

चरणो में रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥


बन के सवाली ये जग सारा,

पाता है तुझसे नजराने,

मै क्या बोलू मुझ से ज्यादा,

मेरे मन की माँ तू जाने,

भूल क्या हुई जो यूँ बिसारा है माँ

एक तुझे हर घडी ही पुकारा है माँ

चरणो में रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥


भरे हुए भंडार माँ तेरे,

मेरी खाली झोली तरसे,

ताने देगी दुनिया सारी,

‘लख्खा’ लौट गया जो दर से,

कवला सरल इतना हारा है माँ,

एक तुझे हर घडी ही पुकारा है माँ

चरणो में रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥


चरणों में रखना,

मैया जी मुझे चरणों में रखना,

चरणो में रखना,

मैया जी मुझे चरणों में रखना,

अब तो सहारा बस तुम्हारा है माँ,

अब तो सहारा बस तुम्हारा है माँ,

इक तुझे ही हर घडी ही पुकारा है माँ,

इक तुझे ही हर घडी ही पुकारा है माँ,

चरणों मे रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥

महाकाल की नगरी मेरे मन को भा गई (Mahakal Ki Nagri Mere Maan Ko Bha Gayi)

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मेरे शंकर की सवारी आज आयी,

हनुमान जयंती दो बार क्यों मनाई जाती है?

हनुमान जी भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं। इसलिए, श्रीराम की पूजा में भी हनुमान जी का विशेष महत्व है। हनुमान जी को संकटमोचन भी कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के सभी दुःख और कष्ट हर लेते हैं।

जब जब हम दादी का, मंगल पाठ करते हैं(Jab Jab Hum Dadiji Ka Mangalpath Karte Hai)

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मंगल पाठ करते हैं,

महाकाल नाम जपिये, झूठा झमेला (Mahakal Naam Japiye Jutha Jhamela)

महाकाल नाम जपिये,
झूठा झमेला झूठा झमेला,