नवीनतम लेख

दादी मैं थारी बेटी हूँ (Dadi Mein Thari Beti Hu)

दादी मैं थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज,

मैया मैं थारी लाडो हूँ,

रखियो मेरी लाज,

धन दौलत दीजो मत दीजो,

धन दौलत दीजो मत दीजो,

दीजो अमर सुहाग,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


मेरो धन दौलत मेरो साजन,

मेरो स्वर्ग पति को आँगन,

बण्यो रवे बस साजन मेरो,

बण्यो रवे बस साजन मेरो,

दीजो आशीर्वाद,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


मेहंदी की लाली ने बोल दे,

चूड़ी नथ बाली ने बोल दे,

मेरी जबतक सांस चले ये,

मेरी जबतक सांस चले ये,

मेरो निभावे साथ,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


दादी थारी भक्ति दीजो,

मन में इतनी शक्ति दीजो,

हँसते हँसते सुख दुःख झेलूं,

हँसते हँसते सुख दुःख झेलूं,

मेरे पति के साथ,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


थारे पर ही जोर है मेरो,

थारे सिवा कुंण ओर है मेरो,

बेटी तो माँ ने ही बोले,

बेटी तो माँ ने ही बोले,

‘सोनू’ दिल की बात,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


दादी मैं थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज,

मैया मैं थारी लाडो हूँ,

रखियो मेरी लाज,

धन दौलत दीजो मत दीजो,

धन दौलत दीजो मत दीजो,

दीजो अमर सुहाग,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥

मेरा मिलन करा दों श्री राम से (Mera Milan Kara Do Shree Ram Se)

सागर सागर पार से सिया का,
समाचार लाने वाले,

मेरे बाबा तुझे किसने सजाया, दिल गया हार सांवरे (Mere Baba Tujhe Kisne Sajaya Dil Gaya Haar Sanware)

मेरे बाबा तुझे किसने सजाया,
दिल गया हार सांवरे,

दिवाली से पहले हनुमान पूजा

हनुमान पूजा या जयंती को लेकर लोगों के मन में हमेशा संशय रहता है, क्योंकि साल में दो बार हनुमान जयंती मनाई जाती है।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प‌द्मा एकादशी (Aashaadh Shukla Paksh Ki Padma Ekaadashi)

युधिष्ठिर ने कहा-हे भगवन् ! आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम और क्या माहात्म्य है और उस दिन किस देवता की पूजा किस विधि से करनी चाहिए? कृपया यह बतलाइये।

यह भी जाने