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डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे(Dimik Dimik Damru Kar Baje)

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे,

प्रेम मगन नाचे भोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें,

प्रेम मगन नाचे भोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें ॥


सिंघी नाद बजावत गावत,

सिंघी नाद बजावत गावत,

लटक रही बगली झोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें,

प्रेम मगन नाचे भोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें ॥


नाग फणन सो करत आरती,

नाग फणन सो करत आरती,

देव देव गति अनमोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें,

प्रेम मगन नाचे भोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें ॥


भालचंद्र सिर गंगा लहरे,

भालचंद्र सिर गंगा लहरे,

हाथ लिए भंग की गोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें,

प्रेम मगन नाचे भोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें ॥


डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे,

प्रेम मगन नाचे भोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें,

प्रेम मगन नाचे भोला, भोला,

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजें ॥

षटतिला एकादशी पूजा विधि

हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी व्रत रखा जाता है। इस साल ये व्रत 25 जनवरी, 2025 को रखा जाएगा । इस दिन सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

देवी लक्ष्मी स्तोत्रम्

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्र​जाम्।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥

नर से नारायण बन जायें(Nar Se Narayan Ban Jayen Prabhu Aisa Gyan Hamen Dena)

नर से नारायण बन जायें, प्रभु ऐसा ज्ञान हमें देना॥
दुखियों के दुःख हम दूर करें, श्रम से कष्टों से नहीं डरें।

भस्मी लगाएं बाबा, उज्जैन के वो राजा (Bhasmi Lagaye Baba Ujjain Ke Vo Raja)

कालो के काल है,
मृत्यु के है वो राजा,

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