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गजरा गिर गया जमुना जल में (Gajara Gir Gaya Jamuna Jal Me)

जमुना के तट पर,

मारी नजरिया ऐसी सांवरिया ने,

घायल हो गई पल में,

गजरा गिर गया जमुना जल में,

की गजरा गिर गया जमुना जल में ॥

लेने गगरिया गई थी बजरिया,

बजरिया में मिल गया वो,

बांके सांवरिया,

गगरी मेरी छीन के उसने,

बईया मरोड़ी,

बईया यूँ मरोड़ के पूछे,

क्या मर्जी है तेरी,

फिर ऐसे मैं शरमाई,

निकला वो तो हरजाई,

चली गई एक पल में,

की गजरा गिर गया जमुना जल में ॥


प्रीत में उसके ऐसे खोयी,

ना में जागी ना में सोई,

मेरा आँचल पायल काजल,

तीनो कर गया घायल,

थर थर कांपे मेरी काया,

डोल रहा मन पागल,

फिर काटे कटे ना वो रैना,

बेरी छीन के ले गयो चैना,

चली गई एक पल में,

की गजरा गिर गया जमुना जल में ॥


जमुना के तट पर,

मारी नजरिया ऐसी सांवरिया ने,

घायल हो गई पल में,

गजरा गिर गया जमुना जल में,

की गजरा गिर गया जमुना जल में ॥

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन (Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan)

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
सुन लो मेरी पुकार ।

मैया ओढ़ चुनरिया लाल, के बैठी कर सोलह श्रृंगार (Maiya Odh Chunariyan Lal Ke Bethi Kar Solha Shingar)

मैया ओढ़ चुनरिया लाल,
के बैठी कर सोलह श्रृंगार,

अन्वाधान पौराणिक कथा

हिंदू धर्म में त्योहारों का विशेष महत्व है। हर त्योहार अपनी पौराणिक कथाओं और परंपराओं के कारण अद्वितीय स्थान रखता है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है 'अन्वाधान’, जिसे वैष्णव सम्प्रदाय विशेष रूप से मनाता है।

शिव का नाम लो (Shiv Ka Naam Lo)

शिव का नाम लो ।
हर संकट में ॐ नमो शिवाय,

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