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हरी नाम सुमिर सुखधाम, जगत में (Hari Nam Sumir Sukhdham Jagat Mein)

हरी नाम सुमिर सुखधाम,

हरी नाम सुमिर सुखधाम

जगत में जीवन दो दिन का

पाप कपट कर माया जोड़ी,

गर्व करे धन का

॥ हरी नाम सुमिर सुखधाम...॥


सभी छोड़ कर चला मुसाफिर,

वास हुआ वन का

सुन्दर काया देख लुभाया,

लाड कर तन का

छूटा स्वास बिखर गयी देहि,

जो माया मन का


हरी नाम सुमिर सुखधाम,

जगत में जीवन दो दिन का


जो बनवारी लगे प्यारी प्यारी,

मौज करे मन का

काल बलि का लगे तमाचा,

भूल जाये धन का


हरी नाम सुमिर सुखधाम,

जगत में जीवन दो दिन का


यह संसार स्वप्न की माया,

मेला पल छिन का

ब्रह्मा नन्द भजन कर बन्दे,

मात निरंजन का

पाप कपट कर माया जोड़ी,

गर्व करे धन का


हरी नाम सुमिर सुखधाम,

जगत में जीवन दो दिन का


हरी नाम सुमिर सुखधाम,

हरी नाम सुमिर सुखधाम

जगत में जीवन दो दिन का

पाप कपट कर माया जोड़ी,

गर्व करे धन का

जिंदगी एक किराये का घर है - भजन (Zindgai Ek Kiraye Ka Ghar Hai)

जिंदगी एक किराये का घर है,
एक न एक दिन बदलना पड़ेगा

बोलो जय जयकारे (Bolo Jay Jaikare)

ऊँचे ऊँचे भवनों बैठी रुप अनेकों धारे,
चरण चाकरी कर लो भैया,

Hey Bhole Baba Hey Bhandari (हे भोले बाबा हे भंडारी)

हे भोले बाबा हे भंडारी,
नाम जपूँ तेरा,

सूर्य स्तोत्र

विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः।
लोक प्रकाशकः श्री मांल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः ॥ लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा।

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