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हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली (Hey Bholenath Teri Mahima Nirali)

हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली,

जाने वो जिस ने तेरी लगन लगाली,

हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली ।


तेरी शरण में जो भी आया,

उसको मिली तेरी करुना की छाया,

बिन मांगे वो सब कुछ पा ले,

जिसने तेरा ध्यान लगाया,

तेरा वचन कभी जाये न खाली,

तेरा वचन कभी जाये न खाली,

हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली ।


संकट मोचन हे जग दाता,

तू है सभी का भाग्यविधाता,

ये श्रिष्टि परिवार है तेरा

जन जन से है तेरा नाता,

जग बगिया है तू है माली,

हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली ।


शम्भू तेरे खेल निराले,

तेरा लिखा न कोई टाले,

भक्तजनो को अमृत बाँटे,

और खुद पीता विष के प्याले,

तेरी छवि मैंने मन में वसा ली,

तेरी छवि मैंने मन में वसा ली,

हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली ।


हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली,

जाने वो जिस ने तेरी लगन लगाली,

हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली ।

जन्म उत्सव आपका हम,आज (Janam Utsav Aapka Hum Aaj)

जन्म उत्सव आपका हम, आज मनाएंगे,

गणपति आयो बापा, रिद्धि सिद्धि लायो (Ganpati Aayo Bapa Riddhi Siddhi Layo)

गणपति आयो बापा,
रिद्धि सिद्धि लायो,

रंग पंचमी पर किसकी पूजा करें

रंग पंचमी भारत के विभिन्न हिस्सों में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। यह पर्व होली के ठीक पाँच दिन बाद आता है और इस दिन विशेष रूप से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है।

अन्वाधान व इष्टि क्या है

सनातन हिंदू धर्म में, अन्वाधान व इष्टि दो प्रमुख अनुष्ठान हैं। जिसमें भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया करते हैं। इसमें प्रार्थना व पूजा कुछ समय के लिए यानी छोटी अवधि के लिए ही की जाती है।

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