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हे ज्योति रूप ज्वाला माँ (Hey Jyoti Roop Jwala Maa)

हे ज्योति रूप ज्वाला माँ,

तेरी ज्योति सबसे न्यारी है ।

हर एक जन इसका परवाना,

हर एक जान इसका पुजारी है ॥

जय माँ शेरावाली जय माँ ज्योतावाली


जब कुछ भी न था इस धरती पर,

तेरी ज्योति का नूर निराला था ।

न सूरज, चंदा, तारे थे,

तेरी ज्योति का ही उजाला था ।

कैसी होगी तेरी ज्योति,

जब सूरज एक चिंगारी है ॥

जय माँ शेरावाली जय माँ ज्योतावाली ॥


जिस घर में ज्योति जलती है,

वह घर पावन हो जाता है ।

ज्योति से ज्योति मिल जाती,

वह जग में अमर हो जाता है ।

यह ज्योति जीवन देती है,

यह ज्योति पालनहारी है ।

जय माँ शेरावाली जय माँ ज्योतावाली ॥


धरती का सीना चीर के माँ,

पाताल लोक से आई है ।

इसकी लीला का अंत नहीं,

कण-कण में यही समय है ।

निर्बल को शक्ति देती है,

यह शक्ति अतुल तुम्हारी है ।

जय माँ शेरावाली जय माँ ज्योतावाली

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर इन मंत्रों का करें जाप

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मार्गशीर्ष पूर्णिमा 15 दिसंबर को मनाई जा रही है। हिन्दू धर्म में यह एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा के लिए समर्पित है।

होली क्यों मनाई जाती है

फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है। इस दिन पूरा देश अबीर-गुलाल और रंग में सराबोर रहता है। हर कोई एक-दूसरे पर प्यार के रंग बरसाते हैं। होली के रंगों को प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है।

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