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हे त्रिपुरारी गंगाधरी(Hey Tripurari Gangadhari)

हे त्रिपुरारी गंगाधरी,

सृष्टि के आधार,

शंकर किरपा करुणाकार,

भोले किरपा करुणाकार ॥


शिव शंकर है नाम तिहारा,

चंद्रशेखर शिव अगहारा,

दानी महादानी शिव शंकर,

दानी महादानी शिव शंकर,

करते बेड़ा पार,

शंकर किरपा करुणाकार,

भोले किरपा करुणाकार ॥


गौरा जी के प्राण प्यारे,

कार्तिक गणपत आँख के तारे,

त्रिपुंड धारी है नटराजा,

पहने सर्प हार,

शंकर किरपा करुणाकार,

भोले किरपा करुणाकार ॥


नीलकंठ जय भीमाशंकर,

महाकाल जय जय अभ्यंकर,

मृगछाला और भस्मी धारी,

जय जय डमरू धार,

शंकर किरपा करुणाकार,

भोले किरपा करुणाकार ॥


हे त्रिपुरारी गंगाधरी,

सृष्टि के आधार,

शंकर किरपा करुणाकार,

भोले किरपा करुणाकार ॥

रिध्दि सिद्धि के दाता सुनो गणपति(Riddhi Siddhi Ke Data Suno Ganpati )

सारी चिंता छोड़ दो,
चिंतामण के द्वार,

मौनी अमावस्या नियम

सनातन धर्म में मौनी अमावस्या बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। हिंदू धर्म शास्त्रों में इस दिन स्नान और दान की पंरपरा सदियों से चली आ रही है। मौनी अमावस्या के दिन पितृ धरती पर आते हैं।

दूसरों का दुखड़ा दूर करने वाले (Doosron Ka Dukhda Door Karne Wale)

दूसरों का दुखड़ा दूर करने वाले,
तेरे दुःख दूर करेंगे राम ।

वैकुंठ चतुर्दशी की कथा

वैकुंठ चतुर्दशी हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। ये कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और शिव जी का पूजन एक साथ किया जाता है।

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