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जबसे बरसाने में आई, मैं बड़ी मस्ती में हूँ(Jab Se Barsane Me Aayi Main Badi Masti Me Hun)

जबसे बरसाने में आई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ,

मैं बड़ी मस्ती में श्यामा,

मैं बड़ी मस्ती में श्यामा,

मैं बड़ी मस्ती में प्यारे,

मैं बड़ी मस्ती में प्यारे,

जब से तुम संग लौ लगाई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ॥


छा गई आँखों में दिल में,

बस तेरी दीवानगी, ॥छा गई आँखों...

तू ही तू बस दे दिखाई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ, ॥तू ही तू ...

मैं बड़ी मस्ती में श्यामा,

जब से तुम संग लो लगाई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ॥

॥ जबसे बरसाने में आई...॥


ना तमन्ना दौलतों की,

शोहरतों की लाड़ली, ॥ना तमन्ना...

नाम की करके कमाई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ, ॥नाम की...

मैं बड़ी मस्ती में श्यामा,

जब से तुम संग लो लगाई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ॥

॥ जबसे बरसाने में आई...॥


बांकी चितवन सांवरी,

मन मोहनी सूरत तेरी, ॥बांकी चितवन...

जबसे है दिल में समाई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ, ॥जबसे है...

मैं बड़ी मस्ती में श्यामा,

जब से तुम संग लो लगाई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ॥

॥ जबसे बरसाने में आई...॥


जबसे बरसाने में आई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ,

मैं बड़ी मस्ती में श्यामा,

मैं बड़ी मस्ती में श्यामा,

मैं बड़ी मस्ती में प्यारे,

मैं बड़ी मस्ती में प्यारे,

जब से तुम संग लौ लगाई,

मैं बड़ी मस्ती में हूँ॥

पूजन गौरी चली सिया प्यारी (Poojan Gauri Chali Siya Pyari)

पूजन गौरी चली सिया प्यारी
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हमारे भोले बाबा को, मना लो जिसका दिल चाहे (Hamare Bhole Baba Ko Mana Lo Jiska Dil Chahe)

हमारे भोले बाबा को,
मना लो जिसका दिल चाहे,

रामनवमी की पौराणिक कथा

सनातन धर्म में श्रीराम का विशेष महत्व है। इसलिए हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष के नौवें दिन श्रीराम के निमित्त रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था।

जया एकादशी चालीसा का पाठ

माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विधिवत रूप से करने से व्यक्ति को उत्तम फलों की प्राप्ति हो सकती है।