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जानकी नाथ सहाय करें (Janaki Nath Sahay Kare)

जानकी नाथ सहाय करें

जानकी नाथ सहाय करें,

जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो


सुरज मंगल सोम भृगु सुत बुध और गुरु वरदायक तेरो

राहु केतु की नाहिं गम्यता,

संग शनीचर होत हुचेरो

जानकी नाथ सहाय करें..


दुष्ट दु:शासन विमल द्रौपदी,

चीर उतार कुमंतर प्रेरो

ताकी सहाय करी करुणानिधि,

बढ़ गये चीर के भार घनेरो

जानकी नाथ सहाय करें..


जाकी सहाय करी करुणानिधि,

ताके जगत में भाग बढ़े रो

रघुवंशी संतन सुखदाय,

तुलसीदास चरनन को चेरो


जब जानकी नाथ सहाय करें,

जब जानकी नाथ सहाय करे,

तब कौन बिगाड़ करे नर तेरो

भोलेनाथ की दीवानी, गौरा रानी लागे (Bholenath Ki Deewani Gora Rani Lage)

भोलेनाथ की दीवानी,
गौरा रानी लागे,

शीतला अष्टमी व्रत कथा

शीतला अष्टमी का पर्व श्रद्धा और नियमों का पालन करने का दिन होता है। इस दिन विशेष रूप से ठंडे भोजन का सेवन किया जाता है, क्योंकि माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है।

मन तड़पत हरि दर्शन को आज(Mann Tarpat Hari Darshan Ko Aaj)

मन तड़पत हरि दर्शन को आज
मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज

रंगीलो मेरो बनवारी(Rangilo Mero Banwari)

मोहिनी मूरत प्यारी,
रंगीलो मेरो बनवारी,