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झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले, हो जासी कल्याण: भजन (Jhado Morchadi Ko Lagwa Le Ho Jasi Kalyan)

झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले,

हो जासी कल्याण,

मोरछड़ी के माए विराजे,

खाटू वालो श्याम,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥


बहुत घणी सकलाई इ में,

दुनिया या बतलावे,

मोरछड़ी इक बार भी जी के,

माथे पर लहरावे,

मालामाल वो हो जावे,

संकट कटे तमाम,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥


मोरछड़ी ने थामे खाटू,

वालो श्याम बिहारी,

जइया विष्णु चक्र सुदर्शन,

मुरली कृष्ण मुरारी,

मोरछड़ी से करे है बाबा,

भगता को हर काम,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥


श्याम प्रभु की मोरछड़ी ने,

जो हाथां में ले कर,

कीर्तन माहि नाचे ‘सोनू’,

भक्त दीवानो हो कर,

खाटू वालो राखे विको,

तो जीवन भर ध्यान,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥


झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले,

हो जासी कल्याण,

मोरछड़ी के माए विराजे,

खाटू वालो श्याम,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥

नन्द के आनंद भयो(Nand Ke Anand Bhayo)

आनंद उमंग भयो,
जय हो नन्द लाल की ।

कृपा करे रघुनाथ जी, म्हने सत देवे सीता माता (Kripa Kare Raghunath Ji Mhane Sat Deve Sita Mata)

कृपा करे रघुनाथ जी,
म्हने सत देवे सीता माता,

फाल्गुन मास की पौराणिक कथा

फाल्गुन’ का महीना हिंदू पंचांग का अंतिम महीना होता है। इस मास की पूर्णिमा फाल्गुनी नक्षत्र में होती है। जिस कारण इस महीने का नाम फाल्गुन पड़ा है। इस महीने को आनंद और उल्लास का महीना भी कहा जाता है।

श्री सूर्य देव चालीसा (Shri Surya Dev Chalisa)

कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग।
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