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झंडा बजरंग बली का (Jhanda Bajrangbali Ka)

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रै,

झंडा बजरंग बली का,

बजरंग बली का,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का ॥


लहर लहर झंडा खाटूश्याम पहुँचा,

कीर्तन की शोभा बढ़ाये रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का ॥


लहर लहर झंडा मेहंदीपुर से पहुँचा,

भक्तों के कष्ट मिटाये रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का ॥


लहर लहर झंडा सालासर से पहुँचा,

‘शुभम’ की बिगड़ी बनाये रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का ॥

गुरुवायुर एकादशी मंदिर की पौराणिक कथा

"दक्षिण का स्वर्ग" कहे जाने वाले अतिसुन्दर राज्य केरल में गुरुवायुर एकादशी का पर्व पूरी आस्था के साथ मनाया जाता है। यह पर्व गुरुवायुर कृष्ण मंदिर में विशेष रूप से मनाया जाता है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।

स्वांसां दी माला नाल सिमरन मैं तेरा नाम - शब्द कीर्तन (Swasa Di Mala Nal Simaran Main Tera Nam)

स्वांसां दी माला नाल सिमरन मैं तेरा नाम,
तेरा नाम तेरा नाम तेरा नाम तेरा नाम,

जय श्री राम राजा राम (Jai Shri Ram Raja Ram)

तेरे ही भरोसे हैं हम
तेरे ही सहारे

भोले तेरी लीला अनोखी (Bhole Teri Leela Anokhi)

भोले तेरी लीला अनोखी,
शंकर तेरी लीला अनोखी,

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