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जिस दिल में आपकी याद रहे(Jis Dil Main Aapki Yaad Rahe)

जिस दिल में आपकी याद रहे

प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो

राही न सही मंजिल की तरफ

राही की तरफ मंजिल करदो


मन में भी अनेक विकारों ने

डटकर के डेरा डाल लिया

इस छल मन से यदि प्रेम है तो

जन मन का मन निर्मल करदो

जिस दिल में आपकी याद रहे

प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो


पाकर मैं आपकी भक्ति प्रभु

वह थे जो झूमते मस्ती में

करुणा करके राजेश को भी प्रभु

उन मस्तों में शामिल कर दो

जिस दिल में आपकी याद रहे

प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो


रंगलो अपने रंग में मुझको

जिससे न कुसंग का रंग चढ़े

दुनिया के प्रेम में पागल हूँ

अपना करके पागल करदो

जिस दिल में आपकी याद रहे

प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो

ऐ मालिक तेरे बंदे हम (Aye Malik Tere Bande Hum)

ऐ मालिक तेरे बंदे हम,
ऐसे हो हमारे करम

औघड बम बम बम (Oghad Bam Bam Bam)

औघड़ बम बम बम,
औघड बम बम बम,

आदियोगी दूर उस आकाश की गहराइयों में (Adiyogi door us aakash ke gaharaiyon mein)

दूर उस आकाश की गहराइयों में,
एक नदी से बह रहे हैं आदियोगी,

कब है रुक्मिणी अष्टमी?

हिंदू धर्म में पौष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रुक्मिणी अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्री कृष्ण की पत्नी देवी रुक्मिणी को समर्पित है, जिन्हें माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, रुक्मिणी अष्टमी पर ही द्वापर युग में विदर्भ के महाराज भीष्मक के यहां देवी रुक्मिणी जन्मी थीं।

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