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जो राम को लाए है, हम उनको लाएंगे (Jo Ram Ko Laye Hai Hum Unko Layenge)

जो राम को लाए है,

हम उनको लाएंगे,

दुनिया में फिर से हम,

भगवा लहराएंगे,

यूपी में फिर से हम,

भगवा लहराएंगे ॥


अयोध्या भी सजा दी है,

काशी भी सजा दी है,

मेरे श्याम कृपा कर दो,

घनश्याम कृपा कर दो,

मथुरा भी सजाएंगे,

यूपी में फिर से हम,

भगवा लहराएंगे ॥


भगवा है चोला जिनका,

बस राम की बात करे,

हिन्दू है हिन्दू हम,

बस राम की बात करे,

यूपी में फिर से हम,

भगवा लहराएंगे ॥


ऊपर से नहीं है राम,

अंदर से राम के है,

बस इसीलिए योगी,

बन्दे कमाल के है,

यूपी में फिर से हम,

भगवा लहराएंगे ॥


योगी जी आए है,

योगी ही आएँगे,

संतो की नगरी को,

बाबा जी चलाएंगे,

यूपी में फिर से हम,

भगवा लहराएंगे ॥


जो राम को लाए है,

हम उनको लाएंगे,

दुनिया में फिर से हम,

भगवा लहराएंगे,

यूपी में फिर से हम,

भगवा लहराएंगे। ॥

सत नाम का सुमिरन कर ले(Satt Nam Ka Sumiran Kar Le)

सत नाम का सुमिरन कर ले,
कल जाने क्या होय,

श्रीराम और होली की कथा

होली का त्योहार सिर्फ द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका संबंध त्रेतायुग और भगवान श्रीराम से भी गहरा है। कहा जाता है कि त्रेतायुग में भी होली मनाई जाती थी, लेकिन तब इसका रूप आज से थोड़ा अलग था। ये सिर्फ रंगों का खेल नहीं था, बल्कि सामाजिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ा हुआ एक अनोखा त्योहार था।

वार्षिक श्राद्ध पूजा विधि

हिंदू धर्म में श्राद्ध पूजा का विशेष महत्व है। यह पितरों यानी पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक प्रमुख अनुष्ठान है। जो सदियों से हिंदू संस्कृति में करा जाता है। श्राद्ध संस्कार में पिंडदान, और ब्राह्मण भोजन कराया जाता है।

हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम(Humara Nahi Koi Re Tere Bina Ram)

हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम
हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम