नवीनतम लेख

करो कृपा कुछ ऐसी, तेरे दर आता रहूँ (Karo Kripa Kuchh Aisi, Tere Dar Aata Rahun)

करो कृपा कुछ ऐसी,

तेरे दर आता रहूँ,

तुम रूठो मुझसे भले चाहे,

पर मैं मनाता रहूं,

करों कृपा कुछ ऐसी,

तेरे दर आता रहूँ ॥


जहान में कौन,

मेरे दुःख को समझ पाएगा,

जहान में कौन,

मेरे दुःख को समझ पाएगा,

तू ही हमदर्द है मेरा,

तुझे सुनाता रहूं,

करों कृपा कुछ ऐसी,

तेरे दर आता रहूँ ॥


तेरी चौखट से,

उठ के दूर कहीं जाऊं ना,

तेरी चौखट से,

उठ के दूर कहीं जाऊं ना,

तमाम उम्र तेरे साथ,

मैं बिताता रहूं,

करों कृपा कुछ ऐसी,

तेरे दर आता रहूँ ॥


मेरा अरमान है इतना,

जो तू पूरा कर दे,

मेरा अरमान है इतना,

जो तू पूरा कर दे,

बैठा मेरे सामने हो तू,

और मैं सजाता रहूं,

करों कृपा कुछ ऐसी,

तेरे दर आता रहूँ ॥


‘चित्र विचित्र’ की दीवानगी,

को मत पूछो,

‘चित्र विचित्र’ की दीवानगी,

को मत पूछो,

अपनी हस्ती को बनके पागल,

मैं मिटाता रहूं,

करों कृपा कुछ ऐसी,

तेरे दर आता रहूँ ॥


करो कृपा कुछ ऐसी,

तेरे दर आता रहूँ,

तुम रूठो मुझसे भले चाहे,

पर मैं मनाता रहूं,

करों कृपा कुछ ऐसी,

तेरे दर आता रहूँ ॥


ग्रहण से बदलेगी 3 राशियों की किस्मत

इस बार होली 14 मार्च 2025 को एक खास खगोलीय संयोग के साथ मनाई जाएगी। इस दिन न केवल साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा, बल्कि ग्रहों के राजा सूर्य का मीन राशि में गोचर भी होगा।

सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे (Sabker Sudhi Aahan Lai Chhi He Ambe)

सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे
हमरा किए बिसरै छी हे

घर पर कैसे करें पितरों की पूजा

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में मनाए जाने वाले श्राद्ध को पितृ पक्ष कहते हैं। इस दौरान पूर्वजों का श्राद्ध उनकी तिथि के अनुसार श्रद्धा भाव से विधि-विधानपूर्वक किया जाता है।

षटतिला एकादशी के मंत्र

25 जनवरी 2025 को षटतिला एकादशी का व्रत है। इस दिन तिल का काफी महत्व होता है। षटतिला एकादशी के दिन तिल का छह तरीकों से प्रयोग किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में भी विशेष रूप से तिल का इस्तेमाल किया जाता है।

यह भी जाने