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खोलो समाधी भोले शंकर, मुझे दरश दिखाओ(Kholo Samadhi Bhole Shankar Mujhe Darsh Dikhao)

खोलो समाधी भोले शंकर,

मुझे दरश दिखाओ,

इस जग की झूठी माया,

से मुझको बचाओ,

खोलो समाधि भोले शंकर,

मुझे दरश दिखाओ ॥


शिव शिव जपती मैं,

दूर से आई,

शिव शिव जपती मैं,

दूर से आई,

दर दर की ठोकरें है खाई,

मुझे दरश दिखाओ,

खोलो समाधि भोले शंकर,

मुझे दरश दिखाओ ॥


तुमको ढूंढा प्रभु,

मंदिर मंदिर,

तुमको ढूंढा प्रभु,

मंदिर मंदिर,

फिर भी प्रभु ढूंढ ना पाई,

मुझे दरश दिखाओ,

खोलो समाधि भोले शंकर,

मुझे दरश दिखाओ ॥


लाई मैं भोले बाबा,

बेल धतूरा,

लाई मैं भोले बाबा,

बेल धतूरा,

गंगा जल मैं लेके आई,

मुझे दरश दिखाओ,

खोलो समाधि भोले शंकर,

मुझे दरश दिखाओ ॥


करो मोपे किरपा,

मेरे भोले बाबा,

करो मोपे किरपा,

मेरे भोले बाबा,

दासी का भाग्य जगाओ,

मुझे दरश दिखाओ,

खोलो समाधि भोले शंकर,

मुझे दरश दिखाओ ॥


खोलो समाधी भोले शंकर,

मुझे दरश दिखाओ,

इस जग की झूठी माया,

से मुझको बचाओ,

खोलो समाधि भोले शंकर,

मुझे दरश दिखाओ ॥

क्यों मनाते हैं सकट चौथ

सकट चौथ व्रत करने से भगवान गणेश जी प्रसन्न होते हैं और सभी प्रकार के दुखों को हर लेते हैं। इस दिन माताएं अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ करना बेहद आवश्यक माना गया है।

शिव चन्द्रशेखर अष्टक स्तोत्र (Shiv Chandrashekhar Ashtak Stotr)

चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहि माम ।

गौंरी सुत गणराज गजानन, विघ्न हरण मंगल कारी (Gauri Sut Ganraj Gajanan Vighna Haran Mangal Kari)

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हर हाल में खुश रहना (Har Haal Me Khush Rehna)

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