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सुनले ओ मेरी मैया, मुझे तेरा ही सहारा (Sunle O Meri Maiya Mujhe Tera Hi Sahara)

सुनले ओ मेरी मैया,

मुझे तेरा ही सहारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


दूर दूर तक ओ मेरी मैया,

सूझे नहीं किनारा,

एक बार आ जाओ मैया,

मैंने तुम्हे पुकारा,

तुम बिन कौन हमारा,

माँ तुम बिन कौन हमारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


नैया हमारी ओ मेरी मैया,

अब है तेरे भरोसे,

खेते खेते हार गया हूँ,

डरता हूँ लहरों से,

घिर गए काले बादल,

और छाया है अँधियारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


अंधियारी रातों में मैया,

बिजली कढ़ कढ़ कढ़के,

डूब ना जाए नैया मेरी,

दिल मेरा ये धडके,

‘श्याम’ को भी तारो,

लाखों को तुमने तारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


सुनले ओ मेरी मैया,

मुझे तेरा ही सहारा,

तेरा ही सहारा मुझे,

तेरा ही सहारा ॥


प्रदोष व्रत पर शिव की पूजा

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा को समर्पित है। इस दिन व्रत और पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।

नाग स्तोत्रम् (Nag Stotram)

ब्रह्म लोके च ये सर्पाःशेषनागाः पुरोगमाः।

ममता मई माँ हे जगदम्बे(Mamtamayi Maa Hey Jagdambe)

ममता मई माँ हे जगदम्बे,
मेरे घर भी आ जाओ,

नवंबर में इस दिन रखा जाएगा प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत है, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भक्त भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं और उनके निमित्त प्रदोष व्रत रखते हैं।

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