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महाकाल की बारात में (Mahakal Ki Barat Mein)

डम ढोल नगाड़ा बाजे,

झन झन झनकारा बाजे,

डम डम डम डमरु बाजे,

महाकाल की बारात में,

महाकाल की बारात मे ॥


दूल्हा बने भोले भंडारी,

तन पर भस्म रमाके,

भूत प्रेत नंदी गण नाचे,

बज रहे ढोल ढमाके,

मस्तक पर चंदा साजे,

नंदी पर आप विराजे,

डम डम डम डमरु बाजे,

महाकाल की बारात मे ॥


भांग धतुरा पिये हलाहल,

दूल्हा बड़ा निराला,

माँ पार्वती के दिल को भाया,

ये कैसा दिलवाला,

जिसके गले में नाग विराजे,

मृगशाला तन पर साजे,

डम डम डम डमरु बाजे,

महाकाल की बारात मे ॥


उजले होकर सज गए भोले,

मोहक रुप बनाए,

ब्रम्हा जी मृदंग बजाते,

विष्णु मंगल गाए,

श्रृंगी भृंगी भी नाचे,

देव और दानव भी नाचे,

‘गौरव तिलक’ भी नाचे,

महाकाल की बारात में,

डम डम डम डमरु बाजे,

महाकाल की बारात मे ॥


डम ढोल नगाड़ा बाजे,

झन झन झनकारा बाजे,

डम डम डम डमरु बाजे,

महाकाल की बारात में ॥

चलो राम के धाम अयोध्या राम बुलाते है (Chalo Ram Ke Dham Ayodhya, Ram Bulate Hain)

श्री राम के भक्त सुनो,
ले भगवा हाथ में निकलो तुम

परीक्षा सफलता पूजा विधि

हिंदू संस्कृति में मनुष्य के जीवन के अलग अलग पड़ावों को संस्कारों के साथ पवित्र बनाया जाता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है विद्यारंभ संस्कार । यह संस्कार बच्चों के जीवन में शिक्षा की शुरुआत का प्रतीक है।

बोल राधे, बोल राधे (Bol Radhey, Bol Radhey)

पूछते हो कैसे
पूछते हो कैसे

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां (Charan Kamal Tere Dhoye Dhoye Peevan)

सिमर सिमर नाम जीवा
तन मन होए निहाला,

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