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लल्ला की सुन के मै आयी यशोदा मैया देदो(Lalla Ki Sun Ke Mai Aayi Yashoda Maiya Dedo Badhai)

लल्ला की सुन के मै आयी,

यशोदा मैया देदो बधाई,

कान्हा की सुनके मै आयी,

यशोदा मैया देदो बधाई,

लाला जनम सुन आयी,

यशोदा मैया देदो बधाई ।


देदो बधाई मैया देदो बधाई,

लल्ला की सुन के मै आयी,

यशोदा मैया देदो बधाई ।


टीका भी लूँगी मैया,

बिंदियां भी लूँगी,

रेशम की लूँगी रजाई,

यशोदा मैया देदो बधाई ।


साड़ी भी लूँगी मैया,

लहँगा भी लूँगी,

धोती भी लूँगी मैया,

कुर्ता भी लूँगी,

पगडि की होगी चढ़ाई,

यशोदा मैया देदो बधाई ।


हरवा भी लूँगी मैया,

चुड़ि भी लूँगी,

कंगना पे होगी चढ़ाई,

यशोदा मैया देदो बधाई।


चन्द्र सखी भज,

बाल कृष्ण छवि,

नित नित जाऊँ बलिहारी,

यशोदा मैया देदो बधाई ।


लल्ला की सुन के मै आयी,

यशोदा मैया देदो बधाई,

कान्हा की सुनके मै आयी,

यशोदा मैया देदो बधाई,

लाला जनम सुन आयी,

यशोदा मैया देदो बधाई ।

चक्रधर भगवान की पूजा कैसे करें?

भगवान चक्रधर 12वीं शताब्दी के एक महान तत्त्वज्ञ, समाज सुधारक और महानुभाव पंथ के संस्थापक थे। महानुभाव धर्मानुयायी उन्हें ईश्वर का अवतार मानते हैं। उनका जन्म बारहवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में, गुजरात के भड़ोच में हुआ था। उनका जन्म नाम हरीपालदेव था।

होलिका दहन पर जरूर करें इन मंत्रों का जाप

होलिका दहन हर साल होली के एक दिन पहले किया जाता है। ये दिन असत्य पर सत्य और भक्ति की जीत का प्रतीक है और इस दिन भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद को याद किया जाता है।

मात अंग चोला साजे (Maat Ang Chola Saje Har Rang Chola Saje)

हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ

प्रदोष व्रत पर क्या करें या न करें

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा के लिए किया जाता है। यह व्रत प्रत्येक महीने में दो बार, त्रयोदशी तिथि को (स्नान, दिन और रात के समय के अनुसार) किया जाता है, एक बार शुक्ल पक्ष में और दूसरी बार कृष्ण पक्ष में।

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