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माँ दुर्गे आशीष दो (Maa Durge Ashish Do)

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो

मन मे मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो ॥


जनम जनम का साथ हो तेरा इतना आशीर्वाद दो,

कृपा तेरी बनी रहे माँ सर पे तेरा हाथ हो,

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो,

मन में मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो,

माँ दुर्गे आशीष दो ॥


जब भी तुझको याद किया पल में दर्श दिखाती हो,

अपने बच्चो को मैया ममता से गले लगाती हो,

माँ गले लगाती हो,

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो।

मन में मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो,

माँ दुर्गे आशीष दो ॥


तेरे नाम का अमृत पाये ऐसी किरपा कर दे माँ,

झोलियाँ सबकी भर जाये नजर मेहर की करदे माँ,

नजर मेहर की करदे माँ,

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो,

मन में मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो,

माँ दुर्गे आशीष दो माँ दुर्गे आशीष दो ॥


मन में मेरे वास हो तेरा चरणो संग प्रीत हो,

माँ दुर्गे आशीष दो ॥

भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विधि

श्रीकृष्ण पूजन हिन्दू धर्म की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें भक्ति और पवित्रता का संगम होता है। इसे विशेषकर जन्माष्टमी या किसी शुभ अवसर पर किया जाता है।

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