नवीनतम लेख

मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान (Maine Tere Hi Bharose Hanuman)

मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान,

सागर में नैया डाल दई ॥


काहे की या नाव बनाई,

काहे की पतवार,

रामा काहे की लगा दी जंजीर,

सागर में नैया डार दई,

मैने तेरे ही भरोसे हनुमान,

सागर में नैया डाल दई ॥


राम नाम की नाव बनाई,

भक्ति की पतवार,

ओ रामा ज्ञान की लगा दी जंजीर,

सागर में नैया डार दई,

मैने तेरे ही भरोसे हनुमान,

सागर में नैया डाल दई ॥


कौन सखी वामें बैठनहारे,

कौन है खेवनहार,

रामा कौन लगाहे बेड़ा पार,

सागर में नैया डार दई,

मैने तेरे ही भरोसे हनुमान,

सागर में नैया डाल दई ॥


सीता मैया बैठनहारी,

लक्ष्मण खेवनहार,

मोरे राम जी लगावे बेड़ा पार,

सागर में नैया डार दई,

मैने तेरे ही भरोसे हनुमान,

सागर में नैया डाल दई ॥


तुलसीदास आस रघुवर की,

चरणन में बलिहार,

मोरे बालाजी लगाहे बेडा पार,

सागर में नैया डार दई,

मैने तेरे ही भरोसे हनुमान,

सागर में नैया डाल दई ॥


मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान,

सागर में नैया डाल दई ॥

शरद पूर्णिमा 2024 तिथि: चांद से बरसता अमृत, जानें तारीख और शुभ मुहूर्त

शरद पूर्णिमा के बारे में कहा जाता है कि इस दिन रात को चंद्रमा की रोशनी से अमृत बरसता है। अश्विन मास की पूर्णिमा का ये दिन शरद ऋतु की शुरुआत माना जाता है।

मकर संक्रांति पर अद्भुत संयोग

मकर संक्रांति के साथ ही खरमास का समापन होता है। जो इसे और भी शुभ बनाता है। इस दिन मांगलिक कार्य, निवेश और खरीदारी के लिए समय अनुकूल है।

बड़ा नटखट है रे, कृष्ण कन्हैया (Bada Natkhat Hai Re Krishn Kanhaiya)

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया
का करे यशोदा मैय्या हाँ॥ बड़ा नटखट है रे..

ओम अनेक बार बोल (Om Anek Bar Bol Prem Ke Prayogi)

ओम अनेक बार बोल, प्रेम के प्रयोगी।
है यही अनादि नाद, निर्विकल्प निर्विवाद।

यह भी जाने