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मत बरसो इन्दर राज (Mat Barso Inder Raj)

अजी मत बरसो इन्दर राज,

या जग सेठाणी भीजे,

या जग सेठाणी भीजे,

म्हारी राज राणी भीजे,

अजी मत बरसों इन्दर राज,

या जग सेठाणी भीजे ॥


गुम्बज पर मेवा बरसे,

मंदिर पर मेवा बरसे,

अजी पौढ़ी पर अमृत धार,

मोटी सेठाणी भीजे,

अजी मत बरसों इन्दर राज,

या जग सेठाणी भीजे ॥


सावन की रुत मतवाली,

झूले में झूंझण वाली,

अरे सह पावे ना बौछार,

या जग सेठाणी भीजे,

अजी मत बरसों इन्दर राज,

या जग सेठाणी भीजे ॥


झूंझण से खबरिया आई,

सब चलो लोग लुगाई,

ले चलो छतर हजार,

या जग सेठाणी भीजे,

अजी मत बरसों इन्दर राज,

या जग सेठाणी भीजे ॥


पानी के मैया बहाने,

इन्दर आयो दर्शन पाने,

जया मेरो धन्य हुयो परिवार,

दादी चरणा ने छूके,

अजी मत बरसों इन्दर राज,

या जग सेठाणी भीजे ॥


अजी मत बरसो इन्दर राज,

या जग सेठाणी भीजे,

या जग सेठाणी भीजे,

म्हारी राज राणी भीजे,

अजी मत बरसो इन्दर राज,

या जग सेठाणी भीजे ॥

नित नयो लागे साँवरो (Nit Nayo Lage Sanvaro)

नित नयो लागे साँवरो,
इकि लेवा नज़र उतार,

वायुदेव की पूजा विधि क्या है

सनातन धर्म में वायु देवता बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वेदों में इनका कई बार वर्णन मिलता है और इन्हें भीम का पिता और हनुमान के आध्यात्मिक पिता माना जाता है। वायु पांच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) में से एक है और इसे जीवन का आधार माना जाता है।

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये (He Mere Gurudev Karuna Sindhu Karuna Keejiye)

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः, गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म, तस्मै श्री गुरवे नमः ॥

मार्गशीर्ष कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि और भोग

वैदिक पंचाग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह में कृष्ण जन्माष्टमी आज यानी 22 नवंबर 2024 को मनाई जा रही है। मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने और जीवन के दुखों को दूर करने का श्रेष्ठ अवसर है।