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मेरी मां को खबर हो गई(Meri Maa Ko Khabar Ho Gayi)

कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी माँ को खबर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥


पोंछे आंसू मेरी माँ ने,

बड़े प्यार से,

दिल तो भर आया और,

आँखे नम हो गई,

कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥


माँ के चरणों को छूकर,

निहाल हो गया,

कुछ ना बोला फिर भी,

माँ को खबर हो गई,

कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥


पूछा लोगों ने माँ के,

दर से क्या मिल गया,

मैंने बोला मुझे,

जीने की डगर मिल गई,

कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥


कैसे कह दूँ,

दुआ बेअसर हो गई,

मैं रोया,

मेरी माँ को खबर हो गई,

मैं रोया,

मेरी मां को खबर हो गई ॥

बालाजी के भक्तों सुनलो, बाबा का गुण गाया करो (Balaji Ke Bhakto Sun Lo Baba Ka Gun Gaya Karo)

बालाजी के भक्तों सुनलो,
बाबा का गुण गाया करो,

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भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला ऋषि पंचमी पर्व हमारे जीवन में पवित्रता और ज्ञान का संगम है।

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मां भगवती के 51 शक्तिपीठों में से एक, ज्वालामुखी मंदिर, अपनी अनूठी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'जोता वाली मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता सती के शरीर के टुकड़े जहां-जहां गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ स्थापित हुए।

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