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राम के नाम का झंडा लेहरा है (Ram Ke Nam Ka Jhanda Lehra Hai)

राम के नाम का झंडा लहरा है ये लहरे गा

ये त्रेता में फहरा है कलयुग में भी फहरे गा ।


हिन्दुस्तान की धरती क्यों नही जय श्री राम कहेगी

राम नाम नही मिटने वाला जब तक धरती रहेगी,

इतहास गवाह रहा है ठेहरा है न ठेहरे गा,

येह त्रेता में फेहरा है कलयुग में भी फेहरे गा ।


बोल रही है गंगा बोल रहा है पर्वत सारा

हर हिन्दू के सीने में है राम नाम का आदर,

कहे विनय पवन अब सेवक हर घर से बेहरे गा,

येह त्रेता में फेहरा है कलयुग में भी फेहरे गा ।

अंजनीसुत केसरी नंदन ने (Anjani Sut Kesari Nandan Ne)

अंजनीसुत केसरी नंदन ने,
श्री राम के कारज सारे है,

बिसर गई सब तात पराई (Bisar Gai Sab Taat Paraai)

बिसर गई सब तात पराई,
जब ते साध संगत मोहे पाई,

शरण में आये हैं हम तुम्हारी (Sharan Mein Aaye Hain Hum Tumhari)

शरण में आये हैं हम तुम्हारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।

मोक्षदा एकादशी की व्रत कथा

मोक्षदा एकादशी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह त्योहार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है, जो भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति का प्रतीक है।