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मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी (Meri Vinti Yahi Hai Gaura Rani)

मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥


तोड़े दुनिया के बंधन सारे,

मैं शिव की शरण आ गया,

मैं शिव की शरण आ गया,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥


शिव नाम की माला फेरूं,

गौरा जी तेरा नाम सिमरु,

गौरा जी तेरा नाम सिमरु,

मैया गौरा तू भोलेजी की प्यारी,

मैया गौरा तू भोलेजी की प्यारी,

ये प्रीत सदा जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥


भोले नाम का मैं जोगी बनके,

मगन रहूं भक्ति में,

मगन रहूं भक्ति में,

कहे वैरागी शिव वरदानी,

कहे वैरागी शिव वरदानी,

चरणों में तू बिठाए रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥


मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥

रविदास चालीसा (Ravidas Chalisa)

बन्दौ वीणा पाणि को , देहु आय मोहिं ज्ञान।

कनकधारा स्तोत्रम् (Kanakdhara Stotram)

अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्तीभृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्।
अङ्गीकृताऽखिल-विभूतिरपाङ्गलीलामाङ्गल्यदाऽस्तु मम मङ्गळदेवतायाः॥1॥

सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी (Saj Dhaj Ke Baithi Hai Maa Laage Sethani)

सज धज के बैठी है माँ,
लागे सेठानी,

अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम् (Ath Vedokta Ratri Suktam)

वेदोक्तम् रात्रि सूक्तम् यानी वेद में वर्णन आने वाले इस रात्रि सूक्त का पाठ कवच, अर्गला और कीलक के बाद किया जाता है। इसके बाद तन्त्रोक्त रात्रि सूक्त और देव्यथर्वशीर्षम् स्तोत्रम् का पाठ किया जाता है।

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